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RERA पर सुप्रीम कोर्ट का फूटा गुस्सा! कहा- लगता है खरीदारों की नहीं, बिल्डरों की मदद हो रही

SC On RERA: सुप्रीम कोर्ट ने रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) के काम करने पर गंभीर सवाल उठाएं है. कोर्ट ने कहा कि ये संस्था अपने असली मकसद से भटक गई और खरीदारों के बजाय बिल्डरों का मदद कर रही है.

Published by Mohammad Nematullah

SC On RERA: सुप्रीम कोर्ट ने रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) के काम करने पर गंभीर सवाल उठाएं है. कोर्ट ने कहा कि ये संस्था अपने असली मकसद से भटक गई और खरीदारों के बजाय बिल्डरों का मदद कर रही है. फिर कोर्ट ने यह कहा कि राज्यों को अब इस पर गंभीरता से सोचना चाहिए कि इस संस्था को बनाए रखना है या खत्म करना है. यह टिप्पणी चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने हिमाचल प्रदेश सरकार बनाम नरेश शर्मा केस की सुनवाई के दौरान की है. 

CJI सूर्यकांत की सख्त टिप्पणी

सुनवाई के दाैरान CJI सूर्यकांत ने कहा कि सभी राज्यों को सोचना चाहिए कि RERA संस्था किस लिए बनाई थी. आज यह सिर्फ डिफॉल्ट करने वाले बिल्डरों को राहत दे रही है. कोर्ट की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब देश भर में RERA को लेकर लोगों की शिकायतें बढ़ रही है. कई मामलें में घर खरीदारों का कहना है कि RERA से राहत मिलने के बजाय, वे लंबे कानूनी प्रोसेस में उलझे हुए है.

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यह मामला हिमाचल प्रदेश RERA ऑफिस से जुड़ा

यह मामला हिमाचल प्रदेश सरकार के उस फैसले से जुड़ा है जिसमें RERA के मेन ऑफिस को शिमला से धर्मशाला शिफ्ट करने का नोटिफिकेशन जारी किया गया था. इस फैसले को हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट में चुनौती दी गई थी, और हाई कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी थी. हाई कोर्ट ने अपने ऑर्डर में कहा कि दूसरे ऑफिस की जगह को प्रायोरिटी दिए बिना RERA को शिफ्ट करने का राज्य सरकार का फैसला ऑर्गनाइजेशन के ऑपरेशन में रुकावट डाल सकता है.

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हाई कोर्ट के ऑर्डर में क्या कहा गया?

हाई कोर्ट ने कहा कि 13 जून 2025 का नोटिफिकेशन अगले ऑर्डर तक लागू रहेगा. इसके अलावा 18 आउटसोर्स कर्मचारियों को दूसरे डिपार्टमेंट में शिफ्ट करने के फैसले से RERA के ऑपरेशन पर बुरा असर पड़ेगा. हाई कोर्ट ने कहा कि ऐसे फैसले से रेगुलेटरी बॉडी खत्म हो जाएगी और जनता को नुकसान होगा.

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राज्य सरकार ने क्या कहा?

सीनियर वकील माधवी दीवान ने राज्य सरकार की तरफ से अपना केस पेश किया है. उन्होंने कहा कि RERA ऑफिस को धर्मशाला शिफ्ट करने का फैसला एडमिनिस्ट्रेटिव सुविधा और बेहतर कामकाज के लिए भेजा गया था. सरकार का मकसद संस्था को कमज़ोर करना नहीं बल्कि उसकी पहुंच बढ़ाना था. उन्होंने यह भी कहा कि अपीलेट ट्रिब्यूनल को साथ में शिफ़्ट किया जा रहा है ताकि लोगों को इधर-उधर न भागना पड़े. सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को RERA और उसके अपीलेट ट्रिब्यूनल दोनों को धर्मशाला शिफ़्ट करने की इजाज़त दे दी है.

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