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Odisha: मूसलाधार बारिश, भूस्खलन और कीचड़ धंसान से NH-49 बाधित

Odisha: केओंझर में मूसलाधार बारिश का कहर, भूस्खलन और कीचड़ धंसान से नेशनल हाइवे-49 बाधित

Published by Swarnim Suprakash

केओंझर,ओडिशा से अक्षय महाराणा की रिपोर्ट 
Odisha: लगातार हो रही भारी वर्षा ने रविवार को केओंझर ज़िले को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है। तेज़ बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव, सड़क धंसने और भूस्खलन जैसी घटनाएँ सामने आईं है। विशेषकर पहाड़ी क्षेत्रों जुदियाघाटी और कंजिपानी घाटी में भूस्खलन ने नेशनल हाइवे-49 पर यातायात व्यवस्था को चरमराकर रख दिया।

जुदियाघाटी इलाके में पहाड़ी से दो बड़े पत्थर सड़क पर आ गिरे, जिससे वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की टीम ने घंटों की मेहनत के बाद एक बड़े बोल्डर को हटाने में सफलता पाई, लेकिन सड़क पर अब भी कीचड़ और छोटे पत्थरों का जमाव यातायात के लिए जोखिम बना हुआ है।

इसी प्रकार, कंजिपानी घाटी में लगातार बरसात से कीचड़ धंसान हुआ, जिसके कारण राजमार्ग के एक हिस्से पर गाड़ियों की आवाजाही मुश्किल हो गई। इस वजह से सैकड़ों वाहन दोनों ओर फँस गए और यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।

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यातायात को व्यवस्थित  करने की अपील

सड़क अवरुद्ध होने से ग्रामीण इलाकों से शहर तक पहुँचने वाले मार्ग प्रभावित हुए हैं। रोज़मर्रा की ज़रूरतों जैसे दवाइयों और खाद्यान्न की आपूर्ति में भी दिक्कतो का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोग प्रशासन से जल्दी रास्ते से मलवे हटा कर यातायात को व्यवस्थित  करने की अपील कर रहे हैं । कई यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने पड़ रहे है, जिससे यात्रा का समय दोगुना से भी अधिक हो जा रहा है।

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विशेषज्ञों का कथन

विशेषज्ञों का मानना है कि वनों की कटाई और पहाड़ों पर निर्माण गतिविधियों ने भूस्खलन की घटनाओं को और बढ़ावा देते है।समय रहते वृक्षारोपण और प्राकृतिक ढलानों की सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया जाएगा तो भविष्य में इस तरह की आपदाएँ और गंभीर रूप ले सकती हैं।

बचाव दल और NHAI के कर्मचारियों को तैनात किया

प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए बचाव दल और NHAI के कर्मचारियों को तैनात किया है। जेसीबी मशीन और अन्य उपकरणों की मदद से सड़क से मलबा हटाने का काम जारी है। ज़िला प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने और अत्यावश्यक स्थिति में ही यात्रा करने की सलाह दी है।

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स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए पहले से तैयारी रखनी चाहिए। लोगों का मानना है कि बारिश के मौसम में हाईवे के संवेदनशील हिस्सों पर निगरानी बढ़ाई जानी चाहिए और यात्रियों को समय-समय पर अलर्ट जारी किया जाना चाहिए।

Swarnim Suprakash
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Tags: odisha

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