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Odisha: बालेश्वर में नाव पलटा, पेड़ ने बचाई तीन लोगों की जान

Odisha: बालेश्वर में बाढ़ प्रभावित इलाके का नाव पलटे, तीन लोगों का जान बचा दिया पेड़, बाढ़ की पानी के धारा में बह गईं मोटरसाइकिल।

Published by Swarnim Suprakash

ओडिशा से अक्षय महाराणा की रिपोर्ट 
Odisha: बालेश्वर ज़िले में रविवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। भोगराई ब्लॉक स्थित गछीदा स्लूस गेट के पास तीन लोग रोड पार करने के दौरान दुर्घटना का शिकार हो गए। रोड में तीन से चार फीट पानी होने के बजैसे लोग नाव के सहारे घर जाने केलिए मजबूर हो गए हैं। नाव के पलटने से सभी की जान खतरे में पड़ गई, लेकिन उन्होंने समय रहते पेड़ का सहारा लेकर खुद को सुरक्षित बचा लिया।

ज्यादा भार होने से बिगड़ा नांव का संतुलन

स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, लगातार बारिश के कारण बालेश्वर में बाढ़ जैसे स्थिति पैदा हो चुकी है ये छठी बार बाढ़ बताया जा रहा है, लगातार बारिश के कारण सुबर्णरेखा नदी का जल स्तर लोगों को मुसीबत में डाल दे रहा है। इसी बीच ये घटना ने लोगों के डर को और बढ़ा दिया है। तीन लोग अपने घर जाते समय रोड पार करने में नाव का सहारा लिया था। उनमें से दो अपने मोटरसाइकिल के साथ नाव में सवार हुए थे। नाव ज्यादा भार होने के वजह नाव का अचानक संतुलन बिगड़ गया और नाव पलट गई , सभी सवार नदी में गिर गए।

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पेड़ को पकड़कर किसी तरह खुद को बचाया

तेज़ बहाव के बीच डूबने की स्थिति पैदा हो गई। घबराए युवक बहने लगे, लेकिन पास में खड़े एक पेड़ को पकड़कर किसी तरह खुद को बचाए रखने में सफल रहे। नाव में लदी दोनों मोटरसाइकिलें बहाव में बह गईं और मोटरसाइकिल को बचाया नहीं जा सका।

घटना की खबर मिलते ही आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत स्थानीय प्रशासन को सूचना दी और बचाव अभियान शुरू करने में सहयोग किया। ग्रामीणों के प्रयास और साहस से तीनों युवक सुरक्षित किनारे तक पहुंच पाए। किसी गंभीर चोट की सूचना नहीं है, जिससे सभी ने राहत की सांस ली।

इस घटना ने इलाके के लोगों को झकझोर कर रख दिया। स्थानीय लोग का कहना है कि बाढ़ और बरसात के मौसम में इस तरह के जोखिम भरे कदम उठाना खतरनाक साबित हो सकता है। नाविकों की लापरवाही और अनुभव की कमी लोगों की जान पर भारी पड़ सकती है।

प्रशासन नाव संचालन के लिए नियम कड़े करे

स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि प्रशासन नाव संचालन के लिए नियम कड़े करे और यह सुनिश्चित करे कि अनुभवहीन नाविकों को बाढ़ जैसे परिस्थितियों में पानी से पार कराने की अनुमति न मिले। साथ ही, नाव की क्षमता से अधिक सवारियां या सामान ले जाने पर प्रतिबंध लगाया जाए।

बारिश के मौसम में अक्सर इन इलाकों में जाना बेहद खतरनाक हो जाते हैं। प्रशासन को बाढ़ प्रभावित स्थलों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जाए और नियमित निगरानी रखा जाए, ताकि लोग असावधानी के कारण अपनी जान जोखिम में न डालें और अनुभबी नाव चालक को तैनाती इस प्रकार के हादसे बचने का उपयोगी साबित हो सकता है।

इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि ज़रा-सी लापरवाही बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। सौभाग्य से इस बार तीनों की जान बच गई, लेकिन ऐसी घटनाएँ भविष्य में न दोहराई जाएँ, इसके लिए प्रशासन और स्थानीय लोग दोनों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

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Swarnim Suprakash

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