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महाराष्ट्र में धर्मांतरण पर सख्ती! अब लव जिहाद पर लगेगी लगाम; कड़े नियम लाने की तैयारी में सरकार

Maharashtra Freedom of Religion Bill 2026: महाराष्ट्र विधानसभा में पेश धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 धर्म बदलने के खिलाफ देश का सबसे बड़ा कानून बनने जा रहा है. इस विधेयक में धर्मांतरण से 60 दिन पहले नोटिस देना अनिवार्य बताया गया है.

By: Preeti Rajput | Published: March 13, 2026 7:49:37 PM IST



Maharashtra Freedom of Religion Bill 2026: महाराष्ट्र की राजनीति में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 पेश किया गया है. जिसके बाद राजनीति में एक अलग हलचल देखने को मिल रही है. यह केवल एक कानून नहीं बल्कि आस्था और न्याय के बीच खिंची एक ऐसी लकीर है, जो आने वाले दिनों में देश के धर्मांतरण विरोधी कानूनों का नया गोल्ड स्टैंडर्ड बनने जा रही है. यह विधेयक शुक्रवार को सदन के पटल पर रखा गया. इसके दिए गए सख्त प्रावधोनों ने उन लोगों की नींद उड़ा दी. जो चमत्कारी इलाज या शादी के सुनहरे सपनों देश आड़ में धर्म परिवर्तन का खेल खेलते थे. यह बिल यूपी और मध्य पर्देश के कानूनों से भी दो कदम आगे निकल गया है. 

धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026

बता दें कि, महाराष्ट्र ने केवल सजा नहीं बल्कि 60 दिन के पूर्व नोटिस और डिप्टी एसपी स्तर की जांच का भी प्रावधान तैयार किया है. जिसे भेद पाना शायद ही किसी के लिए मुमकिन होगा. यह कानून साफ तौर पर संदेश देता है कि आस्था बदलनी है, तो खुद की इच्छा से बदलिए. किसी धोखे या लालच के कारण नहीं. वरना 10 साल की सलाखें आपका इंतजार कर रही हैं. यह बिल न केवल अवैध धर्मांतरण को रोकने का प्रयास करता है. बल्कि इसमें किए गए प्रावधान इसे अन्य राज्यों के कानूनों की तुलना में अधिक सख्त और व्यापक बनाते हैं. 

धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 के जरूरी पॉइंट

  • धर्मांतरण की इच्छा रखने वाले व्यक्ति को 60 दिन पहले जिला मजिस्ट्रेट को लिखित नोटिस देना होगा.
  • मुफ्त शिक्षा, रोजगार, शादी का वादा, बेहतर जीवनशैली का आश्वासन या दैवीय उपचार सभी प्रलोबन की परिभाषा में शामिल है.
  • इसमें सामाजिक बहिष्कार, दैवीय अप्रसन्नता का डर दिखाना और मनोवैज्ञानिक दबाव डालना भी माना गया है.
  • विवाह केवल धर्मांतरण के उद्देश्य से किया गया है, तो विवाह अवैध घोषित कर दिया जाएगा.
  • धर्मांतरण कराने वाले व्यक्ति या संस्था को साबित करना होगा कि धर परिवर्तन अपनी इच्छा से हुआ है. 

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सजा और जर्माना 

  • पूर्व सूचना – 60 दिन पहले  
  • अधिकतम सजा- 10 साल तक अधिकतम 10 साल तक
  • जांच अधिकारी का स्तर कम से कम DySP रैंक
  • प्रलोभन- दैवीय उपचार, मुफ्त शिक्षा, बेहतर लाइफस्टाइल शामिल    
  • धर्मांतरण के बाद घोषणा- 60 दिन के भीतर अनिवार्य 
  • संस्थाओं पर कार्रवाई- रजिस्ट्रेशन रद्द और ग्रांट की वापसी    
  • पुनर्वास-पीड़ितों के भरण-पोषण 

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