Home > देश > फरीदाबाद के बाद अब इस जगह स्कूल में मिली विस्फोटक सामग्री, मच गया हड़कंप; सुरक्षा एजेंसियों के खड़े हो गए कान

फरीदाबाद के बाद अब इस जगह स्कूल में मिली विस्फोटक सामग्री, मच गया हड़कंप; सुरक्षा एजेंसियों के खड़े हो गए कान

Almora Explosion Found: शुरुआती जांच में शक है कि यह सामान किसी कंस्ट्रक्शन साइट से लाया गया होगा और यहां फेंकने के लिए डाला गया होगा. कंस्ट्रक्शन साइट्स पर तलाशी ली जा रही है.

By: Shubahm Srivastava | Published: November 22, 2025 1:00:43 AM IST



Almora School Explosion Packet: उत्तराखंड के अल्मोड़ा ज़िले के डभरा के गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल में शुक्रवार को बड़ी मात्रा में संदिग्ध विस्फोटक सामग्री मिली. स्कूल कैंपस के पीछे झाड़ियों में माइनिंग और कंस्ट्रक्शन के काम में इस्तेमाल होने वाली जिलेटिन रॉड वाले 161 सिलेंडर जैसे पैकेट मिले. घटना का पता तब चला जब स्कूल के एक्टिंग प्रिंसिपल सुभाष सिंह ने झाड़ियों में संदिग्ध पैकेट देखे और तुरंत पुलिस को बताया.

दो जगहों से कुल 161 पैकेट मिले

सूचना मिलने पर, एडिशनल सब-इंस्पेक्टर दीवान सिंह बिष्ट और लोमेश कुमार अपनी टीमों के साथ मौके पर पहुंचे और इलाके को सील कर दिया. उधम सिंह नगर और नैनीताल ज़िलों से बम डिस्पोज़ल स्क्वॉड (BDS) और डॉग स्क्वॉड भी पहुंचे. सर्च ऑपरेशन के दौरान, कुत्तों मौली और रैम्बो की मदद से दो अलग-अलग जगहों से विस्फोटक पैकेट बरामद किए गए.

दोनों जगहों से कुल 161 पैकेट मिले. जांच कर रहे बम स्क्वॉड ने कन्फर्म किया कि सामग्री जिलेटिन रॉड टाइप की थी, जिसका इस्तेमाल विस्फोटकों में बड़े पैमाने पर होता है. पैकेट का वज़न लगभग 60 kg था.

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जांच में सामने आया चौंकाने वाला पहलू 

शुरुआती जांच में शक है कि यह सामान किसी कंस्ट्रक्शन साइट से लाया गया होगा और यहां फेंकने के लिए डाला गया होगा. पुलिस आस-पास की सभी कंस्ट्रक्शन साइट्स पर तलाशी ले रही है ताकि विस्फोटक सामान का सोर्स पता चल सके. बम डिस्पोजल स्क्वॉड ने सभी पैकेज इकट्ठा करके सुरक्षित रूप से सील कर दिए और उन्हें कंट्रोल्ड माहौल में नष्ट करने का प्रोसेस शुरू कर दिया. पूरे ऑपरेशन का ई-एविडेंस ऐप से वीडियो बनाया गया और मौके पर ही सीज़र रिपोर्ट तैयार की गई.

विस्फोटक सामान को लेकर उठ रहे कई सवाल

पुलिस ने अनजान लोगों के खिलाफ एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट, 1908 के सेक्शन 4(a) और BNS के सेक्शन 288 के तहत केस दर्ज किया है. मुख्य सवाल यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामान स्कूल कैंपस में कैसे पहुंचा और इसे किस मकसद से छिपाया गया था.

SSP अल्मोड़ा ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए, डिटेल्ड जांच चल रही है और जल्द ही सच्चाई सामने आ जाएगी. यह घटना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाती है और ग्रामीण इलाकों में विस्फोटक सामान के बिना कंट्रोल के इस्तेमाल को लेकर चिंता बढ़ाती है.

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