Sonam Wangchuk NSA removed: लद्दाख से एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है, जिसमें राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल मचा दी है. दरअसल, जेल में बंद सामाजिक कार्यकर्ता और इंजीनियर सोनम वांगचुक को लेकर केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. इस फैसले के बाद उनके समर्थकों में रिहाई की उम्मीद तेज हो गई है. सरकार ने उनके खिलाफ लगाया गया राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) हटा दिया है. जिससे अब उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया है.
सरकार ने हटाया NSA
केंद्र सरकार ने लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पर लगा National Security Act हटाने का ऐलान किया है. गृह मंत्रालय के मुताबिक, यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू किया जाएगा. मंत्रालय ने कहा कि वांगचुक NSA के तहत अपनी हिरासत की अवधि का लगभग आधा हिस्सा पूरा कर लिया है. इसलिए अब उनके खिलाफ लगाया गया, यह कानून समाप्त किया जा रहा है.
रिहाई का रास्ता साफ
लद्दाख प्रशासन ने वांगचुक को 26 सितंबर 2025 को हिरासत में लिया था. उनपर लेह में हिंसा भड़काने का आरोप लगाया था. तब से वह जोधपुर सी सेंट्रल जेल में बंद हैं. करीब 170 दिन बाद अब उनकी रिहाई का रास्ता साफ होता हुआ नजर आ रहा है. इस दौरान लेह में हुई हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई थी. वहीं 150 से ज्यादा लोग घायल गो गए थे. इस घटना के बाद वांगचुक को NSA के तहत हिरासत में लिया था.
राष्ट्रीय सुरक्षा कानून NSA
दरअसल, NSA सरकार को अधिकार देता है कि अगर किसी व्यक्ति से देश की सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था को खतरा माना जाए तो उसे बिना मुकदमे के हिरासत में लिया जा सकता है. इस कानून के तहत किसी भी व्यक्ति को अधिकतम 12 महीने तक नजरबंद किया जा सकता है.
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दर्जा मांगने को लेकर आंदोलन
लद्दाख में सोनम वांगचुक काफी समय से राज्य होने के दर्जे की मांग कर रहे हैं. इसी आंदोलन के दौरान प्रदर्शन उग्र हो गए थे. सरकार का आरोप था कि इन प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा को भड़काने में वांगचुक की अहम भूमिका था. जिसके बाद उन्हें NSA के तहत गिरफ्तार किया गया.