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E-ticketing system:ऐसा करने पर IRCTC ने डिलीट किए 3.03 करोड़ अकाउंट, कहीं आपका नाम भी तो इस लिस्ट में नहीं!

E-ticketing system: भारतीय रेलवे ने ई-टिकटिंग सिस्टम को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए 3.03 करोड़ संदिग्ध IRCTC यूजर आईडी डीएक्टिवेट की हैं. सरकार ने 6,043 करोड़ मैलिशियस बॉट रिक्वेस्ट ब्लॉक कर दलालों और फर्जी बुकिंग पर सख्ती की है. तत्काल टिकट बुकिंग में आधार ओटीपी अनिवार्य किया गया है, जिससे आम यात्रियों को राहत मिली है.

Published by Ranjana Sharma

E-ticketing system: भारतीय रेलवे ने ई-टिकटिंग सिस्टम को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है. आईआरसीटीसी ने 3 करोड़ से अधिक यूजर आईडी को डीएक्टिवेट कर दिया है. यह कार्रवाई फर्जी बुकिंग, दलालों और बॉट गतिविधियों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से की गई है, ताकि आम यात्रियों को टिकट बुकिंग में परेशानी का सामना न करना पड़े.

3.03 करोड़ आईडी डिलीट की

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2025 में 3.03 करोड़ संदिग्ध यूजर आईडी को निष्क्रिय किया गया है. आधार-आधारित प्रमाणीकरण, बहुस्तरीय साइबर सुरक्षा तंत्र और धोखाधड़ी-रोधी उपायों के जरिए यह कार्रवाई की गई. मंत्री के अनुसार, इससे वास्तविक यात्रियों के लिए टिकट बुकिंग की प्रक्रिया अधिक सुचारु और निर्बाध हुई है.

6,043 करोड़ मैलिशियस बॉट रिक्वेस्ट ब्लॉक

राज्यसभा में पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में मंत्री ने बताया कि देश के ई-टिकट सिस्टम की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पिछले छह महीनों, यानी दिसंबर 2025 तक, 6,043 करोड़ मैलिशियस बॉट रिक्वेस्ट को ब्लॉक किया गया. ये बॉट्स ऑटोमेटेड तरीके से टिकट बुक करने की कोशिश करते थे, जिससे आम यूजर्स को कन्फर्म टिकट पाने में दिक्कत होती थी. रेलवे की साइबर टीम ने इन गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाई है.

साइबर अपराध पर सख्ती

नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर 3.99 लाख संदिग्ध बुकिंग से जुड़ी 376 शिकायतें दर्ज की गई हैं. इसके अलावा वर्ष 2025 में 12,819 संदिग्ध ईमेल डोमेन को भी ब्लॉक किया गया है. इन डोमेन्स का इस्तेमाल फर्जी अकाउंट बनाकर टिकट बुकिंग में गड़बड़ी करने के लिए किया जा रहा था. सरकार का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए ऐसे तत्वों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है.

तत्काल टिकट बुकिंग में ओटीपी अनिवार्य

तत्काल टिकट बुकिंग में दुरुपयोग रोकने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन बुकिंग पर आधार आधारित वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी) सत्यापन लागू किया गया है. आधार प्रमाणीकरण से यूजर की पहचान तुरंत सत्यापित हो जाती है. चूंकि तत्काल टिकट सीमित समय में बुक होते हैं, ऐसे में यह प्रक्रिया बेहद अहम मानी जा रही है. इससे बिचौलियों और फर्जी अकाउंट के जरिए टिकट बुकिंग पर काफी हद तक रोक लगी है.

सिस्टम परफॉर्मेंस बेहतर करने के उपाय

सिस्टम की क्षमता और स्पीड बढ़ाने के लिए रेलवे ने कंटेंट डिलीवरी नेटवर्क (सीडीएन) लागू किया है. इसके जरिए स्टैटिक कंटेंट को ऑफलोड किया गया है और इंटरनेट टिकट बुकिंग वेबसाइट पर डायरेक्ट ट्रैफिक को कम किया गया है. इससे वेबसाइट की परफॉर्मेंस में सुधार हुआ है और पीक टाइम पर भी सिस्टम अधिक स्थिर बना रहता है.

ऐसे जांचें अकाउंट एक्टिव है या नहीं

अगर आप टिकट बुक करने जा रहे हैं और आपको संदेह है कि आपका अकाउंट सक्रिय है या नहीं, तो इसे जांचना बेहद आसान है. इसके लिए IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट या IRCTC Rail Connect ऐप खोलें. लॉगिन पेज पर अपना यूजर आईडी और पासवर्ड दर्ज करें. इसके बाद स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा कोड भरकर ‘साइन इन’ पर क्लिक करें. यदि आपका अकाउंट सक्रिय है, तो आप आसानी से लॉगिन कर पाएंगे. यदि लॉगिन नहीं हो पा रहा है, तो संभव है कि आपकी आईडी निष्क्रिय कर दी गई हो, ऐसे में आपको आगे की प्रक्रिया के लिए आधिकारिक निर्देशों का पालन करना होगा. 

Ranjana Sharma
Published by Ranjana Sharma

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