Categories: देश

Mumbai Weather: डूब गया मुंबई! एक ही बारिश ने मचाई ऐसी तबाही…कमर तक आ रहा पानी, स्कूल से लेकर दफ्तर तक पर पड़ा ताला

Mumbai Weather News: इस समय मौसम ने मुंबई में अपने असली रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं। दरअसल, मुंबई एक ऐसा शहर है जहाँ लगातार रोड चलते रहते हैं वहां के दफ्तर हमेशा भरे रहते हैं। लेकिन अब बारिश ने कभी न रुकने वाले शहर की रफ़्तार को रोक दिया है।

Published by Heena Khan

Mumbai Weather Updates: इस समय मौसम ने मुंबई में अपने असली रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं। दरअसल, मुंबई एक ऐसा शहर है जहाँ लगातार रोड चलते रहते हैं वहां के दफ्तर हमेशा भरे रहते हैं। लेकिन अब बारिश ने कभी न रुकने वाले शहर की रफ़्तार को रोक दिया है। हालात ऐसे हैं कि मुंबई की सड़कें पानी से भर गई हैं। पानी इतना ज़्यादा है कि गाड़ियाँ इधर-उधर फंसी हुई हैं। वहीँ अपनी शान-ओ-शौकत पर नाज़ करने वाला शहर आज पानी की मार सह रहा है। वैसे तो मुंबई में हर साल बारिश होती है लेकिन इस बार मुंबई में अच्छी खासी तबाही मची हुई है।

UP Ka Mausam: गिरगिट की तरह रंग बदल रहा मौसम! UP के लोगों के लिए अगले 3 दिन होंगे मुश्किल, जानिए कैसा रहेगा प्रदेश का हाल

स्कूलों और दफ्तरों में लगा ताला

इस साल मानसून ने कई राज्यों में कहर बरपा है, लेकिन महाराष्ट्र इन दिनों सबसे ज़्यादा प्रभावित होता नजर आया है। इतना ही नहीं इस दौरान आपको बता दें, इस मौसम आपदा में अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है वहीँ सैकड़ों लोग अभी भी फंसे हुए हैं। वहीँ आपकी जानकारी के लिए बता दें, मुंबई की रफ़्तार भी बारिश के चलते थम गई है, जिसके चलते नगर निगम को स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी घोषित करनी पड़ी। देश की आर्थिक राजधानी के कई हिस्सों में भारी बारिश हो रही है।

Related Post

फिलिस्तीनी झंडा पहन CM Yogi का कर डाला अपमान, AMU के पूर्व छात्र ने कर दी ऐसी गुस्ताखी, Video देख तिलमीमला उठे भाजपाई

अँधेरी का भी हुआ बुरा हाल

वहीँ आपकी जानकारी के लिए बता दें सी समय सबसे बुरा हाल मुंबई के अँधेरी का सबसे बुरा हाल है। जी हाँ मुंबई के अंधेरी सबवे में भारी बारिश के बाद जलभराव हो गया है। जिसकी वजह से अंधेरी सबवे को बंद कर दिया गया है। सिर्फ यही नहीं आपको बता दें, मुंबई में लगातार बारिश के कारण जलभराव से प्रभावित चेंबूर के एक अस्पताल में भर्ती लोगों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। 

Heena Khan
Published by Heena Khan

Recent Posts

सभी व्यापार समझौतों की जननी – भारत-ईयू के लिए एक विशाल छलांग

नई दिल्ली, जनवरी 30: भारत और ईयू मिलकर 2 अरब लोगों, वैश्विक जीडीपी का 25% और वैश्विक व्यापार का एक तिहाई हिस्सा हैं। दोनों देशों के बीच एक मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक विशाल कदम है। जबकि व्यापार चर्चा लगभग दो दशकों से हो रही थी, 2022 से अधिक गहन चर्चा शुरू हुई और 27 जनवरी 2026 को संपन्न हुई। भू-राजनीतिक और रणनीतिक प्रभाव डॉ. विकास गुप्ता, सीईओ और मुख्य निवेश रणनीतिकार, ओमनीसाइंस कैपिटल के अनुसार भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की स्थिति को देखते हुए, भारत-ईयू एफटीए प्रतीकात्मक है क्योंकि भारत अमेरिका को निर्यात की जाने वाली अधिकांश वस्तुओं के लिए अन्य बाजार खोजने में सक्षम है। इसे चीन पर निर्भरता कम करने के लिए वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पुनर्गठन पहलों के संदर्भ में भी देखा जाना चाहिए। यह समझौता अमेरिका को पीछे धकेलेगा और दिखाता है कि भारत कृषि और डेयरी तक पहुंच पर समझौता नहीं करेगा क्योंकि बड़ी किसान आबादी इन क्षेत्रों पर निर्भर है। सकारात्मक रूप से लिया जाए तो यह दर्शाता है कि भारत उच्च-स्तरीय उत्पादों, जैसे वाइन, या विशिष्ट कृषि उत्पादों, जैसे कीवी आदि तक पहुंच देने के लिए तैयार है। यह एक टेम्पलेट हो सकता है जिसके साथ भारत-अमेरिका व्यापार समझौता हो सकता है। समझौते की मुख्य विशेषताएं ईयू के दृष्टिकोण के अनुसार, ईयू द्वारा निर्यात की जाने वाली 96% वस्तुओं पर कम या शून्य टैरिफ होगा, जबकि भारतीय दृष्टिकोण यह है कि 99% भारतीय निर्यात को विशेषाधिकार प्राप्त पहुंच मिलेगी। लाभान्वित होने वाले प्रमुख क्षेत्र फुटवियर, चमड़ा, समुद्री उत्पाद और रत्न-आभूषण एफटीए से कई भारतीय क्षेत्रों को लाभ होने की संभावना है। ईयू लगभग 100 अरब डॉलर मूल्य के फुटवियर और चमड़े के सामान का आयात करता है। वर्तमान में, भारत इस श्रेणी में ईयू को लगभग 2.4 अरब डॉलर का निर्यात करता है। समझौता लागू होने के तुरंत बाद टैरिफ को 17% तक उच्च से घटाकर शून्य कर दिया जाएगा। इससे समय के साथ भारतीय कंपनियों को बड़ा बाजार हिस्सा हासिल करने में सहायता मिलनी चाहिए। एक अन्य क्षेत्र समुद्री उत्पाद है (26% तक टैरिफ कम किए जाएंगे) जो 53 अरब डॉलर का बाजार खोलता है जिसका वर्तमान निर्यात मूल्य केवल 1 अरब डॉलर है। रत्न और आभूषण क्षेत्र जो वर्तमान में ईयू को 2.7 अरब डॉलर का निर्यात करता है, ईयू में 79 अरब डॉलर के आयात बाजार को लक्षित कर सकेगा। परिधान, वस्त्र, प्लास्टिक, रसायन और अन्य विनिर्माण क्षेत्र परिधान और वस्त्र एक ऐसा क्षेत्र है जहां भारत को शून्य टैरिफ और 263 अरब डॉलर के ईयू आयात बाजार तक पहुंच मिल सकती है। वर्तमान में, भारत ईयू को 7 अरब डॉलर का निर्यात करता है। यह इस क्षेत्र में भारतीय निर्माताओं के लिए एक महत्वपूर्ण बढ़ावा हो सकता है। प्लास्टिक और रबर एक अन्य ईयू आयात बाजार है जिसकी कीमत 317 अरब डॉलर है जिसमें भारत की वर्तमान हिस्सेदारी केवल 2.4 अरब डॉलर है। रसायन एक अन्य क्षेत्र है जो 500 अरब डॉलर के ईयू आयात बाजार के लायक है जहां भारत को विशेषाधिकार प्राप्त पहुंच मिलती है।…

January 30, 2026

एसएससी एमटीएस हवलदार सिटी इंटिमेशन स्लिप 2025 जारी, यहां जानें परीक्षा की तारीख और डाउनलोड करने का तरीका

SSC MTS exam date 2026: भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और कार्यालयों में कुल…

January 30, 2026

UPSC IPS Story: कौन है IPS आकाश कुलहरि, जिन्होंने पहली बार में क्रैक किया UPSC, जानें उनकी कहानी

UPSC IPS Story: IPS आकाश कुलहरि की कहानी दिखाती है कि कमजोर शुरुआत भी सफलता…

January 30, 2026

Vishavdeep Singh Attri: कौन है मेजर विश्वदीप सिंह अत्री, जिन्हें मिला जीवन रक्षा पदक, क्या है इसकी वजह?

Indian Army Story: भारतीय सेना के मेजर विश्वदीप सिंह अत्री इन दिनों चर्चा में है.…

January 30, 2026