Gulfisha Fatima Story: दिल्ली दंगों की आग की चिंगारी आज तक भड़की हुई है. दरअसल, 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की साज़िश के मामले में आरोपी गुलफ़शा फ़ातिमा बुधवार को तिहाड़ जेल से बाहर आ गईं. वहीं सुप्रीम कोर्ट से ज़मानत मिलने के बाद दिल्ली की एक अदालत ने उनके रिहाई के आदेश जारी किए थे, जिसके कुछ घंटे बाद ही उन्हें रिहा कर दिया गया था. जेल सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है. तीन अन्य आरोपी जिनके लिए बुधवार सुबह रिहाई के आदेश जारी किए गए थे, उनके भी सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद जेल से रिहा होने की उम्मीद है.
जानें क्या है गुलफिशा की कहानी
दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट गुलफिशा फातिमा ने 2020 में नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के जाफराबाद में CAA विरोधी प्रदर्शनों को ऑर्गनाइज़ करने में अहम भूमिका निभाई थी. उन्हें 9 अप्रैल, 2020 को गिरफ्तार किया गया था. उस समय वह 25 साल की थीं, और अब वह 31 साल की हैं. उन्हें मई 2020 में जाफराबाद विरोध प्रदर्शन मामले (FIR 48/2020) में ज़मानत मिल गई थी, लेकिन वह एक दूसरे मामले (FIR 59/2020) में अभी भी हिरासत में हैं.
जानें क्या बोला कोर्ट
कोर्ट ने कहा कि यह आरोप कि गुलफिशा फातिमा ने स्थानीय महिलाओं को इकट्ठा किया और विरोध स्थल पर इंतज़ामों को कोऑर्डिनेट किया, यह बात भले ही प्रॉसिक्यूशन के केस के लिए ज़रूरी हो, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि उसने कई विरोध स्थलों पर आज़ाद कमांड, रिसोर्स कंट्रोल या रणनीतिक देखरेख की. फरवरी 2020 में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (NRC) के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के दौरान उत्तर-पूर्वी दिल्ली में दंगे भड़क गए थे.
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