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IAS कनिष्क शर्मा ने कितने करोड़ों का GST घोटाले का किया बेनकाब, जानकर उड़ जाएंगे आपके होश

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा (UPSC Civil Services Exam) में 43वीं रैंक (43rd Rank) हासिल करने वाले और BITS पिलानी से स्नातक युवा आईएएस अधिकारी कनिष्क शर्मा (Young IAS Officer Kanshik Sharma) ने भ्रष्टाचार (Corruption) के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल की है.

By: DARSHNA DEEP | Published: January 15, 2026 11:40:45 AM IST



UPSC 43rd Ranker and BITS Pilani Graduate IAS Kanishk Sharma Exposes GST Scam: यह खबर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारियों की ईमानदारी का एक बेहद ही बेहतरनी  उदाहरण पेश करती है. जहां, कनिष्क शर्मा ने  संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में 43वीं रैंक हासिल की थी और जो प्रतिष्ठित संस्थान BITS पिलानी से स्नातक हैं, हाल ही में उन्होंने एक बड़े घोटाले का भंडाफोड़ हर किसी को पूरी तरह से हैरान कर दिया है. आखिर क्या है पूरा मामला जानने के लिए पूरी खबर पढ़िए. 

घोटाले का खुलासा और पूरा मामला 

जानकारी के मुताबिक, कनिष्क शर्मा वर्तमान में वाणिज्यिक कर विभाग (Commercial Tax Department) में एक बेहद ही महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. जहां,  उन्होंने अपनी तकनीकी पृष्ठभूमि और डेटा एनालिटिक्स का शानदार इस्तेमाल करते हुए 1 हजार 464 करोड़ रुपये के एक बड़े GST घोटाले का पर्दाफाश करने में बड़ी सफलता हासिल की है. 

कार्रवाई के दौरान कैसे निकला पूरा सच?

कार्रवाई में यह पाया गया कि सैकड़ों ऐसी फर्जी कंपनियां बनाई गई थीं, जिनका अस्तित्व केवल कागजों पर ही चलाया जा रहा था. इतना ही नहीं, इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) की चोरी यानी इन मुखौटा कंपनियों (Shell Companies) के जरिए से फर्जी चालान (Invoices) जारी किए गए ताकि अवैध रूप से इनपुट टैक्स क्रेडिट की चोरी बेहद ही आसानी से की जा सके. 

दूसरी तरफ युवा आईएएस अधिकारी कनिष्क शर्मा और उनकी पूरी टीम ने  लेन-देन के पैटर्न को ट्रैक करने की कोशिश की और कई डेटा पॉइंट्स को मिलाने के बाद सरकार को राजस्व के भारी नुकसान के बार में जानकारी दी गई. 

एक प्रभावी अधिकारी के रूप में निकले कनिष्क शर्मा

BITS पिलानी से इंजीनियरिंग की डिग्री और UPSC में टॉप रैंक हासिल करने वाले कनिष्क शर्मा की सफलता यह दर्शाती है कि कैसे आधुनिक शिक्षा और तकनीकी ज्ञान का सही इस्तेमाल करके भ्रष्टाचार को रोकने में किया जा सकता है. इसके अलावा उनकी इस कार्रवाई ने न सिर्फ सरकारी खजाने को बचाने में सबसे ज्यादा मदद की है, बल्कि उन अपराधियों को भी कड़ा संदेश दिया है जो सिस्टम की खामियों का फायदा उठाकर कर चोरी करने का गंदा काम करता है. 

फिलहाल, इस ऑपरेशन के दौरान कई स्थानों पर छापेमारी की गई और डिजिटल साक्ष्यों को पूरी तरह से जब्त कर दिया गया है. तो वहीं,  इस खुलासे के बाद संबंधित विभागों ने चोरी करने वाले नेटवर्क के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है. 

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