Archana Tiwari case: भोपाल से रहस्यमयी तरीके से गायब हुई 28 वर्षीय वकील अर्चना तिवारी को पुलिस ने उनके परिवार को सौंप दिया है। उनकी तस्वीरें भी सामने आई हैं। पुलिस का कहना है कि अर्चना ने खुद ही पूरी घटना की योजना बनाई थी क्योंकि उनके परिवार वाले उन पर शादी का दबाव बना रहे थे।
नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन शुरू हुआ था खेल
नेपाल में मिली अर्चना तिवारी ने नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन से अपने लापता होने की साजिश रचनी शुरू कर दी थी। 7 अगस्त की रात नर्मदा एक्सप्रेस जैसे ही नर्मदापुरम पहुँची, उसका दोस्त तेजेंदर सिंह कपड़े लेकर ट्रेन में चढ़ गया। इटारसी पहुँचने से पहले अर्चना ने अपना हुलिया बदल लिया और इटारसी स्टेशन पर उतर गई। जीआरपी की विशेष टीम को नर्मदापुरम और इटारसी स्टेशनों से दोनों की फुटेज मिली। इसके आधार पर जाँच में तेज़ी आई।
अर्चना ने कपड़े बदले
जीआरपी के अनुसार, अर्चना का दोस्त तेजेंदर ट्रेन के नर्मदापुरम पहुँचने से पहले ही स्टेशन पहुँच गया था। वह प्लेटफ़ॉर्म नंबर दो पर ट्रेन के बी3 कोच के पास लगी लिफ्ट के पास रुका था। तेजेंदर हाथ में बैग लेकर बोगी में भाग गया। सीसीटीवी से बचने के लिए अर्चना प्लेटफ़ॉर्म पर भी बोगी से बाहर नहीं आई। तेजेंदर ट्रेन में सवार होकर इटारसी चला गया। लगभग 20 मिनट के सफ़र में अर्चना ने साड़ी पहन ली।
इटारसी स्टेशन पर उतरकर भाग निकले
इसके बाद वे इटारसी स्टेशन पर उतर गए। वहाँ से अर्चना और तेजेन्द्र स्टेशन से बाहर निकले। जीआरपी टीम ने नर्मदापुरम स्टेशन के सभी कैमरों की फुटेज देखी तो तेजेन्द्र बोगी में चढ़ता हुआ दिखाई दिया। इसके बाद इटारसी स्टेशन के प्लेटफार्म 3 पर पुल के पास से तेजेन्द्र और अर्चना के निकलते हुए फुटेज मिले। इसमें दोनों के चेहरे साफ नहीं दिख रहे हैं। जीआरपी ने नर्मदापुरम और इटारसी में तेजेन्द्र के फुटेज का मिलान करके इसकी पुष्टि की।
तेजेन्द्र को था सीसीटीवी का अंदाजा
जीआरपी ने बताया कि इटारसी निवासी तेजेन्द्र को नर्मदापुरम और इटारसी रेलवे स्टेशनों पर सीसीटीवी कहाँ लगे हैं, इसकी पूरी जानकारी थी। इसलिए उसने सीसीटीवी से बचने की पूरी कोशिश की, लेकिन कुछ जगहों पर उसका पता चल गया।
भोपाल रेलवे एसपी राहुल कुमार लोढ़ा ने बताया कि नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन पर तेजेन्द्र के ट्रेन की बोगी में चढ़ने का फुटेज मिला है। इटारसी प्लेटफार्म पर साड़ी पहने अर्चना की फुटेज मिली। दोनों साफ़ दिखाई नहीं दे रही थीं, लेकिन उनकी पहचान हो गई। तेजेंदर को पता था कि सीसीटीवी कहाँ लगे हैं।

