Union Cabinet Decisions 2026: केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने देश के समग्र विकास, किसानों की आय बढ़ाने और युवाओं को रोजगार देने के उद्देश्य से चार बड़े फैसले लिए हैं. ये फैसले न केवल आर्थिक गतिविधियों को गति देंगे, बल्कि बुनियादी ढांचे और ऊर्जा क्षेत्र को भी मजबूती प्रदान करेंगे.
भव्य इंडस्ट्रियल विकास योजना को मिली मंजूरी
कैबिनेट ने 33,660 करोड़ रुपये की लागत वाली एक भव्य योजना को मंजूरी दी है. इस योजना के तहत भारत इंडस्ट्रियल विकास कार्यक्रम को बढ़ावा दिया जाएगा. इसके अंतर्गत देश के 100 शहरों के आसपास बड़े इन्वेस्टमेंट पार्क स्थापित किए जाएंगे. प्रत्येक पार्क के लिए लगभग 100 एकड़ जमीन निर्धारित की गई है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में 25 एकड़ भूमि का प्रावधान रखा गया है.
कुल मिलाकर करीब 34,000 एकड़ भूमि पर ये इन्वेस्टमेंट पार्क विकसित होंगे, जिससे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और लाखों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.
कॉटन की MSP में बढ़ोतरी से किसानों को राहत
सरकार ने कपास (कॉटन) की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ाने का भी जरूरी फैसला लिया है. इस कदम के लिए 11,712 करोड़ रुपये की सहायता राशि निर्धारित की गई है. इससे लगभग 7.25 लाख किसानों को सीधा लाभ मिलेगा. ये फैसला किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को स्थिरता देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.
बाराबंकी से बहराइच तक 4-लेन सड़क परियोजना
उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए बाराबंकी से बहराइच तक 4-लेन सड़क निर्माण को मंजूरी दी गई है. ये परियोजना 101 किलोमीटर लंबी होगी और इसकी अनुमानित लागत 6,969 करोड़ रुपये है.
इस सड़क के बनने से क्षेत्र में यातायात सुगम होगा, व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा.
स्मॉल हाइड्रो पावर डेवलपमेंट स्कीम को हरी झंडी
ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए कैबिनेट ने स्मॉल हाइड्रो पावर डेवलपमेंट स्कीम को मंजूरी दी है. इस योजना पर 2,585 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और इसके माध्यम से 21,000 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है.
ये योजना स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ-साथ देश की बढ़ती बिजली जरूरतों को पूरा करने में भी मदद करेगी.
कुल मिलाकर, ये चारों फैसले देश के औद्योगिक विकास, किसानों की समृद्धि, बुनियादी ढांचे के विस्तार और ऊर्जा उत्पादन को नई दिशा देने वाले हैं.

