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Budget 2026 Semiconductor: क्या होता है सेमीकंडक्टर? जो 5 सालों में देगा लाखों लोगों को रोजगार; वित्त मंत्री ने किया 40,000 करोड़ रुपये का एलान

Budget 2026 Semiconductor Mission 2.0: आज बजट में वित्त मंत्री ने सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को और मजबूत बनाने के लिए 40,000 करोड़ रुपये का बजट दिया है. ये इंवेस्टमेंट क्यों जरूरी है और इसका क्या असर होगा, आइए जानते हैं-

By: sanskritij jaipuria | Last Updated: February 1, 2026 12:13:59 PM IST



Budget 2026 Semiconductor Mission 2.0: जैसा की सभी को पता है कि इन दिनों AI का दौर है. हर एक चीज में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लोगों की मदद कर रहा है. ऐसे में भारत भी इस पर काफी फोकस कर रहा है. आज बजट के दौरान वित्त मंत्री ने  देश के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को और मजबूत बनाने के लिए 40,000 करोड़ रुपये का बजट दिया है.

वित्त मंत्री ने अपने भाषण में कहा कि- ‘इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए हम उपकरण और सामग्री बनाने, फुल स्टैक डिजाइन करने, इंडियन IP और सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए ISM 2.0 लॉन्च करेंगे. हम टेक्नोलॉजी और सही वर्कफोर्स डेवलप करने के लिए इंडस्ट्री के ट्रेनिंग सेंटर्स पर भी ध्यान देंगे’

What Is Semiconductor Chip: क्या होता है सेमीकंडक्टर चिप?

भारत जल्द देश में अपना पहला मेड इन इंडिया सेमीकंडक्टर चिप बाजार में लाने की तैयारी कर रहा है. हाल ही में पीएम मोदी ने इकोनॉमिक्स टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम 2025 में ऐलान किया था कि इस साल के आखिरी तक ‘मेड इन इंडिया’ सेमीकंडक्टर चिप आ जाएगी. पहले ये मिशन फाइलों में दब कर रह गया था लेकिन अब सरकार इस पर काम कर रही है. इसमें 6 यूनिट्स हैं जिसमे से 4 को मंजूरी दे दी गई है और इसपर 1.6 लाख करोड़ का खर्च आएगा.

क्यों जरूरी है ये इंवेस्टमेंट?

क्या आपने सोचा है कि सरकार द्वारा किया जा रहा ये इंवेस्टमेंट इतना जरूरी क्यों है. ये इंवेस्टमेंट इसलिए जरूरी है क्योंकि ये  ग्लोबल सप्लाई-चेन में रुकावटों, भू-राजनीतिक तनाव, AI, इलेक्ट्रिक वाहनों, 5G/6G टेलीकॉम, रक्षा और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स में सेमीकंडक्टर की बढ़ती मांग के बीच हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग के लिए भारत की कोशिशों को और ज्यादा मजबूत बनाएगा. ये मिशन मोदी के विकसिद भारत मिशन के लिए काफी जरूरी है.

कैसा होगा इसका असर?

बजट में किए गए हालिया ऐलान के बाद भारत की सेमीकंडक्टर क्षेत्र में महत्वाकांक्षाओं को लेकर निवेशकों का विश्वास बढ़ने की संभावना है. इसका असर इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, रक्षा और टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे जुड़े हुए सेक्टर्स के शेयरों पर पॉजिटिव रूप में देखा जा सकता है.

पहले किए गए अनुमान के अनुसार, भारत सेमीकंडक्टर सेक्टर में तेजी से अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए तैयार है. MARC Group के डेटा के मुताबिक, भारत के सेमीकंडक्टर बाजार का आकार 2034 तक लगभग 177 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकता है और 2026 से 2034 के बीच इसका वार्षिक विकास दर (CAGR) 12.18 प्रतिशत रहने का अनुमान है.

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