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अर्थी पर लेटाया जिंदा आदमी, फिर मातम के गीत गाते हुए निकाली शव यात्रा, सिर्फ इस वजह से हट्टे-कट्टे आदमी को किया मुर्दा घोषित

Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश के बड़वानी से एक ऐसा मामला सामने आया जो आपको हैरान कर देगा। दरअसल, यहाँ लोगों ने एक ज़िंदा आदमी की शवयात्रा निकाल डाली , हैरान कर देने वाली बात तो ये है कि ये यात्रा बैंड-बाजे के साथ निकाली गई। सिर्फ यही नहीं, बल्कि इस दौरान शोक गीत भी गाए गए।

Published by Heena Khan

Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश के बड़वानी से एक ऐसा मामला सामने आया जो आपको हैरान कर देगा। दरअसल, यहाँ लोगों ने एक ज़िंदा आदमी की शवयात्रा निकाल डाली , हैरान कर देने वाली बात तो ये है कि ये यात्रा बैंड-बाजे के साथ निकाली गई। सिर्फ यही नहीं, बल्कि इस दौरान शोक गीत भी गाए गए। कई लोग शुरुआत में तो मृतक की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करने लगे, लेकिन जब उन्हें पता चला कि इस अर्थी पर एक जिंदा शख्स लेटा है तो उनकी आँखें फ़टी रह गईं।

यात्रा के साथ गए गीत

दरअसल, यह हैरान और परेशान कर देने वाली घटना तलून गाँव की है। बताया जा रहा है कि ये एक जीवित व्यक्ति की शवयात्रा निकाली गई। यह शवयात्रा सोमवार रात 11 बजे भीलट देव मंदिर से शुरू हुई और गाँव के मुख्य मार्गों से होते हुए चिंदी बोर स्थान पर पहुँची। दिलचस्प बात ये है कि, इस दौरान बैंड-बाजे रघुपति राघव राजाराम की धुन और शोक ढोल बजाते रहे। हर कोई गम में डूब चुका था।

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इस वजह से निकाली यात्रा

आपकी जानकारी के लिए बता दें, तलून गांव में बारिश न होने से किसान लंबे समय से परेशान थे। खेत सूखने लगे हैं और फसलें मुरझाने लगी हैं। जिसके चलते उन्होंने ये पुरानी प्रथा को अपनाया। तलून गांव में सोमवार रात एक अनोखी और दिलचस्प रस्म निभाई गई, जिसमें अच्छी बारिश के लिए एक जीवित व्यक्ति की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली गई। शुरुआत में लोग हैरान हुए और मृतक की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करने लगे, लेकिन जब उन्हें पता चला कि यह बारिश के लिए एक रस्म है, तो उन्होंने उस जीवित व्यक्ति की लंबी उम्र की कामना की।

Heena Khan
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