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होली पर खुशखबरी! केंद्रीय कर्मचारियों के लिए DA और फिटमेंट फैक्टर में बड़ा बदलाव, जानें अपडेट

8th Pay Commission Big Update: डीए 60% के पार पहुंचने से 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर को लेकर हलचल तेज है. क्या वेतन में बड़ा उछाल आएगा? कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए फैसला जरूरी साबित हो सकता है.

By: sanskritij jaipuria | Published: February 25, 2026 8:53:23 PM IST



8th Pay Commission Big Update: होली से पहले केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक अहम चर्चा फिर से तेज हो गई है. महंगाई भत्ता (डीए) के ताजा आंकड़ों के बाद 8वें वेतन आयोग के तहत वेतन बढ़ोतरी और फिटमेंट फैक्टर को लेकर नई उम्मीदें जगी हैं. लाखों कर्मचारी और सेवानिवृत्त लोग इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि नई सिफारिशें उनके वेतन और पेंशन पर कितना असर डालेंगी.

जनवरी 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 8th Central Pay Commission के गठन को मंजूरी दी थी. इस आयोग का काम केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन, भत्तों और पेंशन की समीक्षा करना है. देशभर में करीब 50 लाख से ज्यादा कर्मचारी और लगभग 67 लाख पेंशनभोगी इस फैसले से जुड़े हुए हैं.

 डीए में कितनी बढ़ोतरी संभव?

फिलहाल वेतन संरचना 7th Central Pay Commission की सिफारिशों के आधार पर चल रही है. इस व्यवस्था में महंगाई भत्ता 60 प्रतिशत से ऊपर पहुंच चुका है. लेबर ब्यूरो के ताजा आंकड़ों के अनुसार दिसंबर 2025 में सीपीआई-आईडब्ल्यू (उपभोक्ता मूल्य सूचकांक) 148.2 अंक दर्ज किया गया है. इससे जनवरी से जून 2026 की अवधि के लिए करीब 2 प्रतिशत डीए बढ़ने की संभावना बनती है. इस तरह कुल डीए लगभग 60.34 प्रतिशत हो सकता है, जिसे भुगतान के समय 60 प्रतिशत माना जा सकता है.

 डीए क्यों है जरूरी?

महंगाई भत्ता कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बढ़ती महंगाई से राहत देने के लिए दिया जाता है. ये मूल वेतन का एक तय प्रतिशत होता है. डीए का आंकड़ा इसलिए भी जरूरी है क्योंकि इसी के आधार पर नए वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर तय किया जाता है.

 फिटमेंट फैक्टर क्या होता है?

फिटमेंट फैक्टर वो संख्या है जिससे मौजूदा मूल वेतन को गुणा करके नया वेतन तय किया जाता है. उदाहरण के तौर पर अगर किसी कर्मचारी का मूल वेतन 100 रुपये है और उस पर 60 प्रतिशत डीए जुड़ता है, तो कुल राशि 160 रुपये हो जाती है. ऐसे में न्यूनतम फिटमेंट फैक्टर 1.60 माना जा सकता है.

विशेषज्ञों का मानना है कि फिटमेंट फैक्टर 1.60 से कम रहने की संभावना कम है. अगर ये 1.8 या 1.9 तक जाता है, तो कर्मचारियों के मूल वेतन में बड़ी बढ़ोतरी हो सकती है.

ज्यादा फिटमेंट फैक्टर का क्या असर होगा?

अगर फिटमेंट फैक्टर ज्यादा तय होता है, तो इसका सीधा फायदा कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिलेगा.

 मूल वेतन बढ़ेगा
 पेंशन में वृद्धि होगी
 मकान किराया भत्ता (एचआरए) बढ़ेगा
 परिवहन भत्ता और अन्य भत्तों में भी बढ़ोतरी होगी

क्योंकि ये सभी भत्ते संशोधित मूल वेतन के प्रतिशत के आधार पर तय होते हैं.

लागू होने में कितना समय लग सकता है?

मान लिया जाए कि 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होता है, फिर भी इसकी सिफारिशों को लागू होने में एक से दो साल या उससे ज्यादा समय लग सकता है. आम तौर पर आयोग अपनी रिपोर्ट देता है, उसके बाद सरकार उस पर विचार कर निर्णय लेती है.

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