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Food Adulteration: आपकी बॉडी में कैसे हो रही ज़हर की एंट्री! जा सकती है जान भी; फिर ना कहना बताया नहीं था

Food Adulteration Side Effect: मिलावटी खाद्य पदार्थें का सेवन ना केवल हमारे स्वास्थ्य को प्रभावित करती है, बल्कि धीमा जहर बनकर कई जानलेवा बीमारियों को बी जन्म देता है.

By: JP Yadav | Published: February 4, 2026 3:48:34 PM IST



Food Adulteration Side Effect: खाने-पीने की चीजों में मिलावट एक बड़ी समस्या है. इससे ना केवल लोगों का स्वास्थ्य प्रभावित होता है, बल्कि कुछ मामलों में कैंसर जैसी घातक बीमारियों की चपेट में आने का खतरा भी बन जाता है. खाद्य पदार्थों में मिलावट (Food Adulteration) का सीधा सा मतलब है अधिक पैसे कमाने के लिए खाने-पीने की चीजों में हानिकारक या घटिया पदार्थ मिलाना है. खाद्य पदार्थों में मिलावट का मुद्दा राज्यसभा सांसद और आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा ने बुधवार (04 फरवरी, 2026) को उठाया. बाद में उन्होंने संसद में अपनी स्पीच का वीडियो अपने एक्स हैंडल पर भी शेयर किया और लिखा- भारत में सबसे बड़ा स्वास्थ्य संकट खाने में मिलावट है. दूध में यूरिया, सब्जियों में ऑक्सीटोसिन, पनीर में कास्टिक सोडा, मसालों में ईंट का चूरा, शहद में पीला रंग, मुर्गी के मांस में स्टेरॉयड और आइसक्रीम में डिटर्जेंट मिलाया जा रहा है. हम सब धीमा जहर पी रहे हैं.’

धीमा जहर है मिलावटी खाना

खाने-पीने की चीजों में मिलावट की समस्या देश-दुनिया में है. यह आज के दौर की गंभीर समस्या बन चुकी है. दूध, मसालों, तेल, फल-सब्जियों और पैकेज्ड फूड में भी मिलावट की जाती है. लंबे समय तक खाद्य पदार्थों का सेवन करने से शरीर पर कई तरह के नकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं. इससे कई गंभीर और जानलेवा बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. 

हो सकता है कैंसर तक

खाने-पीने के पदार्थों में अक्सर सिंथेटिक रंगों के अलावा नकली मसाले और केमिकल युक्त प्रिजर्वेटिव्स मिलाए जाते हैं. ऐसे पदार्थों के सेवन से गैस की समस्या आम हो जाती है. इसके अलावा लोगों को अपच, एसिडिटी, दस्त और कब्ज होने का खतरा रहता है. अगर कोई लंबे समय तक मिलावटी खाद्य पदार्थों का सेवन करता है तो पीड़ित की आंतों की परत कमजोर हो जाती है. इससे इन्फ्लेमेटरी बाउल डिजीज (IBD), अल्सर और लिवर संबंधी बीमारियां हो सकती हैं. 

लाइलाज बीमारियों की चपेट में आने का खतरा

मिलावटी खाद्य पदार्थों में पेस्टीसाइड्स केमिकल भी शामिल होते हैं. इसके अलावा फॉर्मलिन, बेंजोइक एसिड और आर्सेनिक भी जमकर इस्तेमाल किया जाता है. जब लोग ऐसे मिलावटी खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं तो कैंसर कोशिकाओं में बढ़ोतरी होती है. लंबे समय तक ऐसे खाद्य पदार्थों के सेवन से गैस्ट्रिक कैंसर, लिवर कैंसर, ब्लैडर कैंसर और ब्लड कैंसर होने की आशंका कई गुना बढ़ जाती है.

किन-किन चीजों की होती है मिलावट

दूध में पानी के अलावा अन्य केमिकल में झाग वाले पदार्थ भी मिलाए जाते हैं. वहीं, चावल में यूरिया और अनाज में रेत और कंकड़ का इस्तेमाल आम है. इसी तरह हल्दी में मेटानिल पीला और काली मिर्च में पपीते के बीज मिलाए जाते हैं.  आमतौर पर दूध में पानी के अलावा यूरिया, डिटर्जेंट और स्टार्च को मिलाया जाता है.  मसालों में लकड़ी का बुरादा, रेत, कृत्रिम रंग और स्टार्च इस्तेमाल होता है. वहीं, शहद में चीनी का सिरप, गुड़ और कॉर्न सिरप मिलाया जाता है. फलों और सब्जियों में कैल्शियम कार्बाइड, ऑक्सीटोसिन और कृत्रिम रंगों को प्रयोग होता है. कुछ मामलों में फलों और सब्जियों को जल्दी उगाने और भैंसों और गायों के दूध की मात्रा बढ़ाने के लिए नुकसानदायक इंजेक्शन लगाए जाते हैं. 

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