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Vision loss: कौन सी बीमारियां बढ़ाती हैं अंधापन का खतरा, जानें इसके मुख्य कारण और सावधानियां

Vision loss: दृष्टि हानि यानी आंखों की रोशनी कमजोर होना या अंधापन गंभीर स्वास्थ्य समस्या है. मधुमेह, ग्लूकोमा, मोतियाबिंद, मैक्यूलर डीजनरेशन और रेटिनाइटिस पिगमेंटोसा जैसी बीमारियां मुख्य कारण हैं. शुरुआती संकेतों में धुंधला दिखाई देना, रात में देखने में कठिनाई, आंखों में जलन, तेज रोशनी में झिलमिलाहट और अचानक फ्लोटर्स दिखना शामिल हैं.

By: Ranjana Sharma | Published: February 23, 2026 10:43:22 AM IST



Vision loss: दृष्टि हानि यानी आंखों की रोशनी कमजोर होना या अंधापन, आज एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन गई है. समय रहते पहचान और उपचार न होने पर यह स्थायी नुकसान पहुंचा सकती है. विशेषज्ञ बताते हैं कि कई बीमारियां आंखों पर प्रतिकूल असर डाल सकती हैं और शुरुआती संकेत पहचानकर इसे रोका जा सकता है.

ये बीमारियां करती हैं आंखों की रोशनी कम

मधुमेह, ग्लूकोमा, मोतियाबिंद, मैक्यूलर डीजनरेशन और रेटिनाइटिस पिगमेंटोसा जैसी बीमारियां दृष्टि हानि का मुख्य कारण हैं. मधुमेह में आंखों की रेटिना पर असर पड़ता है, जिसे डायबिटिक रेटिनोपैथी कहते हैं. ग्लूकोमा में आंख का दबाव बढ़ने से दृष्टि तंतु को नुकसान होता है. मोतियाबिंद में आंख के लेंस का धुंधलापन दृष्टि कमजोर करता है, वहीं उम्र के साथ मैक्युलर डीजनरेशन रेटिना के बीच हिस्से को प्रभावित कर सकता है. कुछ आनुवंशिक बीमारियों से भी धीरे-धीरे अंधापन हो सकता है.

ये हैं शुरुआती लक्षण 

प्रारंभिक चेतावनी संकेतों में धुंधला दिखाई देना, रात में देखने में कठिनाई, आंखों में जलन या दर्द, तेज रोशनी में झिलमिलाहट और अचानक धब्बे या फ्लोटर्स का दिखना शामिल हैं. डॉक्टरों का कहना है कि यदि इन संकेतों में से कोई दिखाई दे तो तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से जांच कराना जरूरी है.

ये हैं कारण

दृष्टि हानि के प्रमुख कारणों में उच्च रक्त शर्करा, उच्च रक्तचाप, उम्र बढ़ना, आनुवंशिक कारण, पोषण की कमी और लंबे समय तक स्क्रीन के सामने रहना शामिल हैं. इन कारणों को नियंत्रित करने से आंखों की रोशनी बचाई जा सकती है.

ऐसे बचें इस बीमारी से 

अंधापन रोकने के लिए नियमित आंखों की जांच बेहद जरूरी है, खासकर 40 वर्ष से ऊपर या मधुमेह/ब्लड प्रेशर वाले लोगों के लिए. संतुलित आहार जिसमें गाजर, पालक, शिमला मिर्च, अंडा और मछली शामिल हों, आंखों के लिए लाभकारी है. स्क्रीन टाइम नियंत्रित करना और 20-20-20 नियम अपनाना भी मददगार है. इसके अलावा उच्च रक्त शर्करा और रक्तचाप को नियंत्रण में रखना, धूप में UV प्रोटेक्शन चश्मा पहनना और पर्याप्त नींद व आंखों की एक्सरसाइज करना आवश्यक है.

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