थायरॉइड नेत्र रोग क्या है?
थायरॉइड नेत्र रोग तब होता है जब शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से आंखों के आसपास के ऊतकों (जैसे पेरिबुलबार फैट, आंखों की मांसपेशियां और संयोजी ऊतक) पर हमला करती है. इससे आंखों के ऊपर की क्षेत्र में सूजन, दबाव और असामान्य ऊतक वृद्धि होती है. परिणामस्वरूप आंख आगे की ओर निकलती है, आंखों के खोलों के आसपास सूजन होती है और दृष्टि प्रभावित हो सकती है.
थायरॉइड नेत्र के लक्षण
- यह रोग धीरे‑धीरे या तेजी से विकसित हो सकता है. शुरुआती लक्षण अक्सर सामान्य आंखों की समस्याओं से मिलते‑जुलते होते हैं, जैसे:
- आंखों में सूजन या लालिमा
- आंखों का बाहर की ओर निकलना (एक्जोफ्थल्मोस)
- दोहरी दृष्टि (डिप्लोपिया)
- तेज़ या जलन जैसा दर्द
- अच्छी रोशनी में अधिक संवेदनशीलता
- सूखी, रेत जैसा महसूस होना या बार‑बार आंसू आना
- आंखें बंद करने में कठिनाई
- दृष्टि में धुंधलापन
- रात में देखने में कठिनाई
- नेत्र पेशियों पर दबाव के कारण चलने‑फिरने में दिक्कत
इन लक्षणों को नजरअंदाज करना जोखिम भरा हो सकता है, इसलिए शुरुआती संकेत दिखें तो डॉक्टर से सलाह लेना आवश्यक है.
कारण और जोखिम
थायरॉइड नेत्र रोग का मुख्य कारण प्रतिरक्षा तंत्र का असामान्य प्रतिक्रिया करना है. यह किसी को भी हो सकता है, लेकिन इसके जोखिम अधिक होते हैं:
- ग्रेव्स रोग या थायरॉइड हार्मोन संबंधी विकार
- धूम्रपान करना
- पुरुषों और उम्र‑दराज़ लोगों में अधिक गंभीर लक्षण
- थायरॉइड स्तरों के तीव्र उतार‑चढ़ाव
- धूम्रपान इस रोग के विकास और गंभीरता दोनों को बढ़ा सकता है, इसलिए धूम्रपान छोड़ना बेहद महत्वपूर्ण है.
- आंखों पर असर- मांसपेशियों और ऊतकों को कैसे प्रभावित करता है?
- थायरॉइड नेत्र रोग का प्रभाव मुख्यतः तीन स्तरों पर होता है:
ऑक्युलर मांसपेशियां
सूजन और उत्तेजना के कारण आंखों को नियंत्रित करने वाली मांसपेशियाँ कठोर और सिकुड़ सकती हैं. इससे दोहरी दृष्टि और नेत्र गति में बाधा आती है.
पेरिबुलबार ऊतक
यह ऊतक सूज जाता है, जिससे आंख आगे की ओर बाहर निकलती है और आंख का दबाव बढ़ता है.
नेत्र पुट्टी पर दबाव
कभी‑कभी इतना अधिक दबाव बन सकता है कि ऑप्टिक नर्व (दृष्टि तंत्रिका) प्रभावित हो जाती है, जिससे स्थायी दृष्टि नुकसान का जोखिम बढ़ जाता है.
नवीनतम उपचार विकल्प
थायरॉइड नेत्र रोग का उपचार व्यक्ति की अवस्था और गंभीरता के आधार पर तय किया जाता है:
मेडिकल थेरेपी
- स्टेरॉयड थेरेपी: सूजन और दर्द कम करने के लिए.
- इम्यूनोमॉड्युलेटिंग दवाएं: प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को नियंत्रित करने में मदद.
- बायोलॉजिक थेरेपी: नवीनतम दवाएँ जिनका लक्ष्य प्रतिरक्षा तंत्र के विशेष हिस्सों पर असर डालना है.