अगर चाहते हैं हार्ट अटैक से बचना, तो जान लें नींद और दिल का ये अनोखा रिश्ता!

नींद की कमी से हमारी हार्टबीट इरेगुलर हो जाती है जिसके कारण हमारा ब्लड प्रेशर काफी हद तक बढ़ जाता है और हमारे शरीर स्ट्रेस मोड में हो जाता है।

Published by Anuradha Kashyap

Tips For Healthy Heart: यह सच है कि ज्यादातर लोग मानते हैं कि सिर्फ अच्छी डाइट और एक्सरसाइज से दिल हमेशा हेल्दी रहता है। लेकिन शायद आप यह नहीं जानते कि अगर सच में अपने दिल को फिट और सेहतमंद रखना है, तो सिर्फ खाना और वर्कआउट काफी नहीं है। इसके साथ-साथ आपको अच्छी क्वालिटी और भरपूर नींद लेना भी उतना ही ज़रूरी है। नींद की कमी से हमारी हार्टबीट इरेगुलर हो जाती है जिसके कारण हमारा ब्लड प्रेशर काफी हद तक बढ़ जाता है और हमारे शरीर स्ट्रेस मोड में हो जाता है। 

नींद की कमी बढ़ा देता है हमारे दिल के लिए खतरा

अगर आप लोग भी काफी रात तक मोबाइल चलाते हैं जिसके कारण या आपकी किसी भी वजह से नींद पूरी नहीं हो पाती है, तो आपको इस बात को हल्के में नहीं लेना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि अगर रोजाना 6 घंटे से कम की नींद आप लेते हैं तो हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा काफी ज्यादा बढ़ सकता है। नींद की कमी से शरीर का ब्लड प्रेशर और बढ़ता है और दिल की तरफ प्रेशर बढ़ने लगता है। जब भी हम सोते हैं तो दिल और नसें काफी रिलैक्स हो जाती है जिसके कारण हमारा हार्ट हेल्दी रहता है। 

अगर आप भी अच्छी नींद लेते हैं तो आपके दिल को मिल सकता है नया जीवन

अक्सर लोग मानते हैं कि नींद सिर्फ थकावट मिटाने का काम करती है, जबकि ऐसा नहीं होता है नींद हमारे हार्ट को भी रिपेयर करती है और एनर्जी भी देती है। जब भी हम सोते हैं तो हमारे हार्मोन बैलेंस में रहते हैं, जिसके कारण हमें स्ट्रेस कम होता है और दिल की धड़कन बिल्कुल नॉर्मल रहती है लेकिन अगर हम अपनी नींद पूरी नहीं लेते हैं तो ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल काफी मात्रा में बढ़ जाता है जिससे कि हमें हार्ट से जुड़ी बीमारियां हो सकती हैं। 

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नींद और मेंटल हेल्थ का असर पड़ता है सीधा दिल पर

आजकल लोगों की लाइफ काफी ज्यादा बिजी हो गई है जिसके कारण उनकी लाइफस्टाइल में स्ट्रेस आना एक आम बात हो गई है, लगातार स्ट्रेस के कारण ब्लड प्रेशर हाई हो जाता है और हमारे दिल पर प्रभाव पड़ने लगता है। अगर हम पूरी मात्रा में नींद नहीं लेते हैं तो इससे हमारे हमें मेंटली रूप से शांति नहीं मिलती है और हार्ट अटैक का रिस्क बढ़ जाता है, वहीं अगर हम लोग अच्छी मात्रा में तो हार्ट अटैक का रिस्क काफी हद तक कम हो सकता है। 

Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. inkhabar इसकी पुष्टि नहीं करता है 

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