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मच्छर मारने वाली एक कॉइल 100 सिगरेट जितनी खतरनाक, जानिए क्या है इसके नुकसान

Indoor air pollution warning: घर के अंदर एयर पॉल्यूशन को नजरअंदाज करना आसान है. जब हम घर के अंदर जाते है, तो मान लेते है कि हन सुरक्षित है.

Published by Mohammad Nematullah

Indoor air pollution warning: घर के अंदर एयर पॉल्यूशन को नजरअंदाज करना आसान है. जब हम घर के अंदर जाते है, तो मान लेते है कि हन सुरक्षित है. क्योंकि ट्रैफिक का शोर कम हो जाता है और धुएं की गंध गायब हो जाती है. जिसके कारण सबकुछ शांत और साफ लगता है. 

लेकिन आज हम आपको बताएंगे कि कई घरों में अंदर की हवा बाहर की हवा से कही ज्यादा खतरनाक होती है, और ज्यादातर लोगों को इसका एहसासा नही होता है.  

घर के अंदर भी जहरीली हवा

एक एक्सपर्ट ने कहा कि घर के अंदर का पॉल्यूशन अक्सर नजरअंदाज हो जाता है, क्योंकि यह तुरंत खतरनाक नही दिखता है. उनके अनुसार घर के अंदर हवा की क्वालिटी अक्सर बाहर की हवा से ज्यादा खराब होती है. क्योंकि पॉल्यूटेंट घर के अंदर फंस जाता है. उन्होंने बताया कि बंद कमरे, खराब वेंटिलेशन, और रोजमर्रा के घरेलू प्रोडक्ट्स की वजह से हानिकारक कण लंबे समय तक हवा में रहते है.

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एक्सपर्ट ने बताया कि लोग अपना ज्यादातर समय घर के अंदर बताते है कि हम लगभग 8 से 10 घंटे सोते है. और कहा कि लगातार प्रदूषित हवा में सांस लेने में दिक्कत, समय के साथ इसका असर जमा होता जाता है. जिसके कारण फेफड़ों को आराम नही मिलता है. 

मच्छर भगाने वाली कॉइल कितना खतरनाक?

एक्सपर्ट ने कहा कि मच्छर भगाने वाली कॉइल के बारे में एक कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि एक बंंद कमरे में एक मच्छर भगाने वाली कॉइल जलाने का मतलब लगभग 100 सिगरेट पीने के बराबर है. 

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उन्होंने बताया कि हालांकि कॉइल से निकलने वाला धुआं नुकसान हो सकता है. लेकिन इससे होने वाला नुकसान बहुत ज़्यादा होता है. खासकर रात में ये छोटे कण घंटों तक सांस के जरिए अंदर जाता है, उन्होंने कहा कि ‘लोग इनका इस्तेमाल मच्छरों को भगाने के लिए करते हैं, लेकिन अनजाने में वे अपने फेफड़ों को नुकसान पहुंचा रहे है.’ ट्रैफिक पॉल्यूशन से ज़्यादा घर फेफड़ों को कैसे नुकसान पहुंचा सकते है.

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उन्होंने बताया कि घर के अंदर निकलने वाले पॉल्यूटेंट फंस जाता है और जमा हो जाता है. खाना पकाने का धुआं, अगरबत्ती, मच्छर भगाने वाली कॉइल, और खराब एग्जॉस्ट सिस्टम, ये सभी इस धीरे-धीरे होने वाले पॉल्यूशन में योगदान करता है. समय के साथ इससे पुरानी सूजन होती है. उन्होंने कहा कि सांस लेने में दिक्कत धीरे-धीरे होती है.

पौधे लगाना कितना सही?

उन्होंने आगे कहा कि घर के पौधे हवा को शुद्ध कर सकता है. ‘पौधों से सच में कमरे की हवा साफ करने के लिए आपको उसे पूरा जंगल बनाना पड़ेगा. उन्होंने आगे कहा कि कुछ पौधे शायद मानसिक रूप से सुकून देने वाले हों, लेकिन हवा में मौजूद कणों पर उनका बहुत कम असर होता है.

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उन्होंने कहा कि एयर प्यूरीफायर मदद करता है, लेकिन सिर्फ़ एक हद तक ही करता है. उन्होंने समझाया “अगर आप सोते समय आठ घंटे तक साफ हवा में सांस लेते हैं, तो कम से कम आप अपने फेफड़ों को आराम दे रहे है.” हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जैसे ही आप उस जगह से बाहर निकलते हैं, सुरक्षा खत्म हो जाती है.

Mohammad Nematullah
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