Alcoholic liver disease: शराब का लगातार और अत्यधिक सेवन लिवर के लिए गंभीर खतरा बन सकता है. जब शराब के दुरुपयोग के कारण लिवर को नुकसान पहुंचता है, तो इसे अल्कोहलिक लिवर रोग कहा जाता है. यह समस्या धीरे-धीरे विकसित होती है और शुरुआत में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होते, लेकिन समय के साथ यह जानलेवा रूप ले सकती है.
शराब लिवर को कैसे नुकसान पहुंचाती है?
जब हम शराब पीते हैं, तो उसका अधिकांश हिस्सा लिवर में मेटाबोलाइज होता है. इस प्रक्रिया के दौरान शरीर ऐसे रासायनिक पदार्थ बनाता है जो लिवर कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं. यदि लंबे समय तक और ज्यादा मात्रा में शराब का सेवन जारी रहे, तो लिवर पर लगातार दबाव पड़ता है. इससे सूजन, कोशिकाओं की क्षति और अंततः लिवर फेलियर तक की स्थिति बन सकती है. हर व्यक्ति में जोखिम समान नहीं होता, लेकिन शराब की मात्रा और अवधि जितनी अधिक होगी, खतरा उतना बढ़ता है.
कितनी मात्रा में शराब खतरनाक
अमेरिकन कॉलेज ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी की रिपोर्ट के अनुसार जो पुरुष प्रतिदिन तीन से अधिक ड्रिंक लेते हैं, उनमें जोखिम बढ़ जाता है. जो महिलाएं लगातार पांच साल तक प्रतिदिन दो से अधिक ड्रिंक लेती हैं, उनमें भी अल्कोहलिक लिवर रोग की संभावना अधिक होती है. यह ध्यान रखना जरूरी है कि “सुरक्षित” मानी जाने वाली मात्रा भी हर व्यक्ति के लिए सुरक्षित नहीं होती, खासकर यदि अन्य स्वास्थ्य समस्याएं मौजूद हों.अल्कोहलिक लिवर रोग के तीन मुख्य चरण है…
फैटी लिवर
यह शुरुआती अवस्था है, जिसमें लिवर में वसा जमा होने लगती है. अच्छी बात यह है कि इस चरण में शराब छोड़ने और जीवनशैली सुधार से स्थिति पलटी जा सकती है.
अल्कोहलिक हेपेटाइटिस
इस अवस्था में लिवर में सूजन हो जाती है. यह स्थिति गंभीर हो सकती है और अस्पताल में इलाज की जरूरत पड़ सकती है.
सिरोसिस
यह अंतिम और गंभीर अवस्था है, जिसमें लिवर की कोशिकाएं स्थायी रूप से क्षतिग्रस्त हो जाती हैं और उनकी जगह स्कार टिश्यू बन जाता है. इस चरण में लिवर की कार्यक्षमता काफी कम हो जाती है. सिरोसिस के कारण एसोफेजियल वैरिसेस (ग्रासनली की नसों का फूलना) और पोर्टल हाइपरटेंशन जैसी जटिलताएं हो सकती हैं, जो जानलेवा रक्तस्राव का कारण बन सकती हैं.
शुरुआती चेतावनी के लक्षण
अल्कोहलिक लिवर रोग की शुरुआत में अक्सर कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते. लेकिन जैसे-जैसे क्षति बढ़ती है, ये संकेत दिख सकते हैं…
- लगातार थकान
- बुखार
- पीलिया (त्वचा और आंखों का पीला पड़ना)
- लिवर का बढ़ना
- मस्तिष्क की कार्यक्षमता में कमी
- पाचन तंत्र में रक्तस्राव
- गंभीर मामलों में लिवर फेलियर
इलाज और बचाव
- फैटी लिवर: शराब पूरी तरह छोड़ना, वजन कम करना और संतुलित आहार अपनाना काफी मददगार हो सकता है.
- अल्कोहलिक हेपेटाइटिस और सिरोसिस: इन स्थितियों में शराब से पूर्ण परहेज जरूरी है.
- डॉक्टर विशेष आहार, विटामिन सप्लीमेंट, दवाएं और जटिलताओं के लिए उपचार दे सकते हैं.
- गंभीर और अपरिवर्तनीय क्षति के मामलों में लिवर ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ सकती है.