परमाणु ऊर्जा क्षमता वाले ये हैं भारत के टॉप 5 राज्य, जाने पहले स्थान पर किस स्टेट को मिली जगह?

Nuclear Energy Mission: देश के राज्य स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं. चलिए इनके बारे में जानते हैं.

Published by Shubahm Srivastava

India Nuclear Power: भारत का परमाणु ऊर्जा उद्योग (Nuclear Power Industry), ऊर्जा क्षेत्र में विविधता लाने, जीवाश्म ईंधन (fossil fuels) पर निर्भरता कम करने और स्वच्छ, गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति की भारत की योजना का आधार है.

वहीं अगर हम देश के उन राज्यों की बात करें, जो परमाणु ऊर्जा उद्योग में आगे हैं तो लिस्ट में तमिलनाडु, गुजरात और राजस्थान का नाम पहले आता हैं. ये राज्य स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं. चलिए परमाणु ऊर्जा क्षमता (Nuclear Power Potential) के आधार पर लिस्ट में भारत के बाकी राज्यों के बारे में जान लेते हैं.

परमाणु ऊर्जा क्षमता वाले भारत के शीर्ष 5 राज्य

तमिलनाडु (Tamil Nadu)

तमिलनाडु में सबसे अधिक 2,440 मेगावाट क्षमता है, जिसमें कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र और मद्रास परमाणु ऊर्जा स्टेशन सबसे आगे हैं. कुडनकुलम भारत की सबसे बड़ी परमाणु ऊर्जा सुविधा है, जो ग्रिड को ऊर्जा प्रदान करती है और परमाणु प्रौद्योगिकी को आगे बढ़ाती है.

गुजरात (Gujarat)

गुजरात 1,840 मेगावाट क्षमता के साथ दूसरे स्थान पर है, जिसमें काकरापार सबसे आगे है और नए रिएक्टरों का भी इसमें उल्लेखनीय योगदान है. राज्य में मजबूत बुनियादी ढांचा है और हाल ही में परमाणु ऊर्जा में वृद्धि हुई है.

राजस्थान (Rajasthan)

राजस्थान की 1,780 मेगावाट क्षमता रावतभाटा परमाणु संयंत्र से आती है, जो इसे राजस्थान परमाणु ऊर्जा परियोजना के अंतर्गत कई रिएक्टरों के साथ उत्तर भारत में परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाती है.

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महाराष्ट्र (Maharashtra)

महाराष्ट्र की 1,400 मेगावाट क्षमता भारत के सबसे पुराने वाणिज्यिक परमाणु ऊर्जा संयंत्र, तारापुर परमाणु ऊर्जा संयंत्र और क्षेत्रीय बिजली आपूर्ति को बढ़ावा देने वाले अनुवर्ती परिष्कृत रिएक्टरों द्वारा समर्थित है.

कर्नाटक (Karnataka)

कैगा उत्पादन केंद्र से 880 मेगावाट के साथ, कर्नाटक सुरक्षित परमाणु ऊर्जा की आपूर्ति करता है और भविष्य में इस क्षेत्र में विस्तार के प्रस्ताव रखता है.

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh)

उत्तर प्रदेश नरोरा परमाणु ऊर्जा संयंत्र के माध्यम से 440 मेगावाट क्षमता जोड़ता है, जो राज्य की औद्योगिक और घरेलू बिजली आवश्यकताओं को पूरा करता है.

बाकी राज्यों का हाल

पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, केरल और हरियाणा में वर्तमान में एक भी चालू परमाणु रिएक्टर नहीं है, जो भारत के परमाणु बुनियादी ढांचे की केंद्रित संरचना और चुनिंदा क्षेत्रों में नीतिगत संकेंद्रण का प्रमाण है.

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