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बिना किसी सुपरस्टार के चलाई बॉक्स ऑफिस पर सुनामी ,बजट से 100 गुना ज्यादा कमाई कर बनी देश की सबसे फायदे वाली फिल्म, हर रिकॉर्ड को किया ध्वस्त

फिल्म इंडस्ट्री में यह अक्सर माना जाता है कि अगर कोई बड़ा स्टार हो तो फिल्म आसानी से हिट हो सकती है लेकिन 2006 में आई कन्नड़ फिल्म मुंगारू मले ने इस सोच को पूरी तरह बदल दिया। यह फिल्म बेहद कम बजट में बनाई गई थी और इसमें कोई भी ऐसा चेहरा नहीं था जिसे दर्शक बड़े पैमाने पर पहचानते हों।

Most Profitable Film: फिल्म इंडस्ट्री में यह अक्सर माना जाता है कि अगर कोई बड़ा स्टार हो तो फिल्म आसानी से हिट हो सकती है। लेकिन 2006 में आई कन्नड़ फिल्म मुंगारू मले ने इस सोच को पूरी तरह बदल दिया। यह फिल्म बेहद कम बजट में बनाई गई थी और इसमें कोई भी ऐसा चेहरा नहीं था जिसे दर्शक बड़े पैमाने पर पहचानते हों। गणेश और पूजा गांधी उस समय के लिए बिलकुल नए चेहरे थे और फिल्म इंडस्ट्री में उनकी कोई खास पहचान नहीं थी। इसके बावजूद फिल्म ने अपनी सधी हुई कहानी, रोमांटिक टच और म्यूजिक के दम पर दर्शकों के दिल जीत लिए। योगराज भट्ट द्वारा लिखी और निर्देशित इस फिल्म की खूबसूरती इसकी सादगी और इमोशंस में छिपी थी। लोगों को इसमें अपनी जिंदगी की झलक दिखी और यही वजह रही कि मुंहज़बानी प्रमोशन ने इसे सुपरहिट बना दिया।

नए चेहरों ने जीता दिल, दर्शकों ने बरसाया प्यार

गणेश और पूजा गांधी के लिए ‘मुंगारू मले’ किसी सपने के सच होने जैसा साबित हुई। दोनों उस समय दर्शकों के लिए अनजान चेहरे थे, लेकिन उनकी मासूमियत और नैचुरल एक्टिंग ने उन्हें स्टार बना दिया। फिल्म का रोमांटिक अंदाज और यंगस्टर्स से जुड़ा कंटेंट इतना प्रभावी था कि कपल्स और कॉलेज जाने वाले दर्शक बार-बार इस फिल्म को देखने सिनेमाघरों तक पहुंचे। साथ ही, दिग्गज कलाकार अनंत नाग का अहम किरदार फिल्म को गहराई देता है। इसके अलावा फिल्म का म्यूजिक, खासतौर पर जयान्थ काईकिणी के लिखे गाने और मनो मुरथी का कंपोजिशन, लोगों की जुबान पर चढ़ गए। यह वह दौर था जब इंटरनेट और सोशल मीडिया का इतना बोलबाला नहीं था, लेकिन फिल्म ने अपने कंटेंट के दम पर ऐसा जादू चलाया कि लोगों ने इसे अपने दोस्तों और परिवार को रिकमेंड करना शुरू कर दिया।

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70 लाख के बजट से 75 करोड़ की कमाई

मुंगारू मले मात्र 70 लाख रुपये के छोटे से बजट में बनाई गई थी, लेकिन जब यह रिलीज हुई तो बॉक्स ऑफिस पर इसने इतिहास रच दिया। फिल्म ने कुल 75 करोड़ रुपये का लाइफटाइम कलेक्शन किया। यानी अपने बजट से करीब 100 गुना ज्यादा कमाई यह आंकड़ा अपने आप में ही अनोखा है क्योंकि बड़ी-बड़ी फिल्मों का प्रॉफिट मार्जिन भी इतना बड़ा नहीं होता। यह फिल्म पहली कन्नड़ मूवी बनी जिसने वर्ल्डवाइड 50 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार किया और लंबे समय तक सबसे ज्यादा कमाई करने वाली कन्नड़ फिल्म का रिकॉर्ड अपने नाम रखा। इतना ही नहीं, यह फिल्म बेंगलुरु के पीवीआर मल्टीप्लेक्स में लगातार 460 दिनों तक चली। एक साल से भी ज्यादा समय तक एक ही फिल्म का थिएटर में बने रहना आज के समय में नामुमकिन लगता है।

इंडिया की सबसे प्रॉफिटेबल फिल्म बनी

‘मुंगारू मले’ सिर्फ एक हिट फिल्म नहीं थी, बल्कि यह भारत की अब तक की सबसे प्रॉफिटेबल फिल्मों में से एक साबित हुई। 70 लाख के निवेश पर 75 करोड़ की कमाई का मतलब है कि मेकर्स को जबरदस्त मुनाफा हुआ। लेकिन बड़ी सफलता अक्सर बड़ी मुश्किलें भी लेकर आती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस फिल्म की ब्लॉकबस्टर सक्सेस के बाद इनकम टैक्स विभाग ने फिल्म के निर्माताओं पर छापा भी मारा था। हालांकि, इन विवादों से फिल्म की लोकप्रियता पर कोई असर नहीं पड़ा। दर्शकों के दिलों में यह फिल्म एक मील का पत्थर बन गई। इसने न सिर्फ कन्नड़ सिनेमा का स्तर ऊंचा किया, बल्कि बाकी फिल्म इंडस्ट्रीज को भी सिखाया कि छोटे बजट और मजबूत कंटेंट वाली फिल्में भी बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच सकती हैं।

Shivashakti Narayan Singh

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