Amitabh Bachchan Shocking Story: हाल ही में केबीसी के सेट पर सदि के महानायक अमिताभ बच्चन ने कुछ ऐसा बताया जिससे सुनकर वहां बैठे सभी के होश उड़ गए. जी हां, केबीसी (KBC) के सेट पर तब सन्नाटा छा गया जब हॉट सीट पर बैठी एक डॉक्टर कंटेस्टेंट महानायक अमिताभ बच्चन की नब्ज (Pulse) नहीं ढूंढ सकीं. दरअसल, इसके पीछे की वजह 43 साल पुराना ‘कुली’ फिल्म के सेट पर हुआ वो हादसा, जिसने बिग बी को मौत के मुँह में तक धकेल दिया था. अमिताभ बच्चन की कलाई में पल्स न होना ‘कुली’ हादसे के दौरान हुए इलाज का एक परिणाम देखने को मिलता है. आखिर क्या है पूरा मामला जानने के लिए पढ़िए पूरी खबर.
कुली हादसे का खौफनाक सच
यह हैरान करने वाली घटना 24 जुलाई साल 1982 की है. जब फिल्म ‘कुली’ की शूटिंग के दौरान पुनीत इस्सर का घूंसा बिग बी के पेट में लगा था, जिससे उनकी आंतें अंदर तक बुरी तरह से फट गई थीं और वे ‘क्लिनिकली डेड’ घोषित कर दिए गए थे. तो वहीं, इलाज के दौरान बार-बार खून निकालने और कई चीरे (Incisions) लगाने की वजह से उनकी कलाई की रेडियल आर्टरी स्थायी रूप से डैमेज हो गई थी, जिससे वहां पल्स महसूस होना बंद हो गया था.
घटना पर क्या बोले डॉक्टर?
फोर्टिस अस्पताल के डॉ. अनुराग अग्रवाल ने इस मामले में जानकारी देते हुए बताया कि, हाथ में खून की सप्लाई दो मुख्य धमनियों, रेडियल (Radial) और अल्नर (Ulnar) आर्टरी से की होती है. साथ ही उन्होंने आगे कहा कि हमारा शरीर बहुत स्मार्ट होता है, अगर एक नस (रेडियल) बंद हो जाए, तो दूसरी नस (अल्नर) खून की सप्लाई का पूरा जिम्मा संभालने का काम करती है. इसे डॉक्टरों की भाषा में ‘कोलैटरल सर्कुलेशन’ कहते हैं.
पल्स गायब होने की वजह?
कलाई के अंगूठे वाली तरफ रेडियल आर्टरी होती है जहां से आमतौर पर पल्स की जांच की जाती है, बिग बी के केस में चोट या फिर थक्के (Clot) की वजह से बंद है, इसलिए पल्स मिलपाना बेहद ही मुश्किल हो जाता है.
कब हो सकती है खतरनाक स्थिति?
डॉ. अग्रवाल ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि अगर दोनों धमनियां (Arteries) आपस में जुड़ी नहीं हैं, तो एक के बंद होने पर हाथ काला पड़ सकता है, लेकिन बिग बी के मामले में दूसरी नस पूरी तरह से सक्रिय है. लेकिन, घटना के 43 सालों के बाद भी बिना पल्स के अमिताभ बच्चन का हाथ पूरी तरह से सामान्य काम करता है, जो अपने आप में ही चिकित्सा विज्ञान का एक दिलचस्प उदाहरण देखने को मिलता है.