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‘धड़कन’ का ये गाना इतना दर्दनाक, रिकॉर्ड करने के दौरान 150 बार रोया सिंगर, आज भी सुनते ही अपने आप टपकने लगेंगे आंसू

Dhadkan Movie Song: कुछ फिल्में अपनी कास्ट के लिए याद की जाती है, तो कुछ अपनी कहानी के लिए और कुछ अपने गानों के लिए, तो आज आपको हम एक ऐसी फिल्म के बारे में बताने जा रहे है जो आज से लगभग 25 साल पहले रिलीज हुई थी. लेकिन उसकी एक गाना आज भी हमारे दिलों में बसा हुआ है.

By: Mohammad Nematullah | Published: January 25, 2026 4:21:20 PM IST



Dhadkan Movie Song: कुछ फिल्में अपनी कास्ट के लिए याद की जाती है, तो कुछ अपनी कहानी के लिए और कुछ अपने गानों के लिए, तो आज आपको हम एक ऐसी फिल्म के बारे में बताने जा रहे है जो आज से लगभग 25 साल पहले रिलीज हुई थी. लेकिन उसकी एक गाना आज भी हमारे दिलों में बसा हुआ है.   

सिंगर 150 बार क्यों रोया?

यह सदाबहार गाना अपने सिंगर से जुड़ी एक अनोखी कहानी के लिए भी जाना जाता है, जो काफी दुर्लभ है. इस गाने में एक ऐसी लाइन थी जिसे गाते समय सिंगर 150 बार रोया था. आइए हम आपके साथ यह मशहूर किस्सा शेयर करते है. बेटी की विदाई उसके लिए बहुत इमोशनल पल होता है. फिल्म धड़कन के विदाई गीत “दुल्हे का सेहरा” के दौरान भी कुछ ऐसा ही हुआ था.

फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त कमाई की

फिल्म धड़कन में अक्षय कुमार, शिल्पा शेट्टी, सुनील शेट्टी और महिमा चौधरी लीड रोल में थे. इसके डायलॉग नसीम मुकरी और धर्मेश दर्शन ने लिखे थे. फिल्म का बेहद पॉपुलर म्यूज़िक नदीम-श्रवण की जोड़ी ने कंपोज किया था, और गीतकार समीर थे. लगभग 9.5 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने दुनिया भर में 26.47 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था. गाना “दुल्हे का सेहरा” नुसरत फतेह अली खान ने गाया था, और यह खूबसूरत गाना अक्षय कुमार और शिल्पा शेट्टी की शादी के सीक्वेंस पर फिल्माया गया था.

क्या हैं इसके पीछे की कहानी?

गीतकार समीर अंजान ने एक इंटरव्यू में बताया था कि नुसरत फतेह अली खान गाना गाते समय पूरे 150 बार रोए थे. समीर ने कहा कि “उन दिनों नुसरत फतेह अली खान मुंबई आए हुए थे. मैं फिल्म धड़कन के लिए गाने लिख रहा था. ‘दिल ने यह कहा है दिल से…’ सहित कई गाने पहले ही रिकॉर्ड हो चुके थे. हम उनके फैन थे, इसलिए हम चाहते थे कि वह हमारी फिल्म के लिए एक गाना गाएं. लेकिन दिक्कत यह थी कि वह बाहर के प्रोजेक्ट्स के गाने नहीं गाते थे. हालांकि वह नदीम-श्रवण के भी फैन थे, इसलिए हम उनसे उनके होटल में मिले और एक गाने के लिए रिक्वेस्ट की. उन्होंने कहा कि वह गाना गाएंगे, लेकिन उन्हें गाना पसंद आना चाहिए. इस तरह वह मान गए, और रिकॉर्डिंग शुरू हुई.” जैसे ही “मैं आपके हाथों की गोद में पला-बढ़ा, पिताजी” यह लाइन आई, वह रोने लगे. गाना उस लाइन पर कम से कम 150 बार रुका था. हर बार वह रोने लगते थे.

जब हमने उनसे उनके आंसुओं का कारण पूछा, तो उन्होंने कहा कि जब भी वह लाइन आती है, उन्हें अपनी बेटियों की याद आती है. इसी तरह गाना रिकॉर्ड हुआ, और यह एक सदाबहार क्लासिक बन गया है.

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