UGC complaint fake universities: उच्च शिक्षण संस्थानों में एडमिशन प्रक्रिया शुरू होते ही यूजीसी (University Grants Commission) ने छात्रों, अभिभावकों और आम लोगों को फर्जी विश्वविद्यालयों और संस्थानों से सतर्क रहने की चेतावनी दी है. आयोग ने खास तौर पर उन झूठे दावों से बचने को कहा है, जिनमें गारंटीड प्लेसमेंट, स्कॉलरशिप या कम फीस में एडमिशन का लालच दिया जाता है. यूजीसी के अनुसार हर साल बड़ी संख्या में छात्र ऐसे जाल में फंस जाते हैं, जिससे उनका करियर और पैसा दोनों प्रभावित होता है.
यूजीसी का सख्त अलर्ट
यूजीसी ने पहली बार इस मुद्दे पर ईमेल के जरिए भी अलर्ट जारी किया है, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक यह चेतावनी पहुंच सके. आयोग ने सार्वजनिक सूचना जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि केवल यूजीसी से मान्यता प्राप्त संस्थानों में ही दाखिला लें. साथ ही छात्रों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी संस्थान में प्रवेश लेने से पहले उसकी वैधता की जांच जरूर करें.
फर्जी संस्थानों का फैलता जाल
पिछले कुछ वर्षों में देशभर में 32 फर्जी विश्वविद्यालयों की पहचान की गई है, जिन पर यूजीसी ने कार्रवाई भी की है. ये संस्थान अक्सर एक जगह पकड़े जाने के बाद दूसरे राज्य या शहर में नए नाम से फिर से शुरू हो जाते हैं. खासतौर पर एडमिशन सीजन में ये ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं और भोले-भाले छात्रों को अपने झांसे में लेने की कोशिश करते हैं.
कैसे करें सही पहचान
यूजीसी ने छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी है कि वे किसी भी विश्वविद्यालय या कॉलेज की जानकारी उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर जरूर जांचें. यदि कोई संस्थान संदिग्ध लगे, तो उसकी सूचना तुरंत यूजीसी को दें. इससे न केवल खुद को नुकसान से बचाया जा सकता है, बल्कि दूसरों को भी फर्जी संस्थानों के जाल में फंसने से रोका जा सकता है.
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