Categories: शिक्षा

Successful Person: झारखंड के शिवम को गूगल ने ऑफर किया 2 करोड़ का पैकेज, जानें इनकी सफलता की कहानी

Success Story of Shivam: 12 वीं के बाद 75% से कम नंबर आने के बाद जेईई एडवांस्ड में एडमिशन नहीं मिलता है। ऐसे में कई छात्र मायूस हो जाते हैं पर शिवम ने हार नहीं मानी और उन्होंने अपनी सफलता की कहानी खुद ही लिख डाली।

Published by Shivi Bajpai

Success Story: झारखंड के गुमला जिले के छोटे से गांव के रहने वाले शिवम राज ने साबित कर दिया है कि जिंदगी के सफर में अगर एक चीज़ हासिल न हो तो निराश होने की जगह कोई नया रास्ता निकाल लेना चाहिए। उनके 12 वीं में 75% आए थे पर उन्होंने दोबारा से 12 वीं का एग्जाम दिया और 86% अंक हासिल कर लिए. इसके बाद IITs में एडमिशन के लिए आयोजित होने वाली जेईई मेन्स और एडवांस्ड को भी पास किया लेकिन इसके बाद भी उन्होंने IITs में दाखिला नहीं लिया। संभवत उस वक्त उनके फैसले पर कई लोगों ने सवाल खड़े किए होंगे, लेकिन आज उन्हें गूगल ने 2 करोड़ का पैकेज ऑफर किया है।

बीआईटी मेसरा से की इंजीनियरिंग

शिवम ने अपनी स्कूली पढ़ाई रांची के जेवीएम श्यामली से पूरी की। इसके बाद उन्होंने बीआईटी मेसरा से कंप्यूटर साइंस में बी.टेक किया। साल 2021 में ग्रेजुएशन के दौरान ही उन्हें कैंपस प्लेसमेंट में 52 लाख रुपये का पैकेज मिला, जो किसी भी छात्र के लिए बड़ी उपलब्धि कही जा सकती है। इसके बाद दो साल तक उन्होंने फ्रंट-एंड डेवलपर के तौर पर काम किया और अपने तकनीकी कौशल को और निखारा।

अमेरिका में मास्टर्स और गूगल का ऑफर

नए अवसरों और चुनौतियों को अपनाने की चाह ने शिवम को अमेरिका तक पहुँचा दिया। उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ मैसाचुसेट्स, एमहर्स्ट से कंप्यूटर साइंस में मास्टर्स की पढ़ाई की। इसी दौरान उन्होंने गूगल के करियर पोर्टल के माध्यम से आवेदन किया। चार कठिन इंटरव्यू राउंड्स को पास करने के बाद उन्हें करीब 2 करोड़ रुपये वार्षिक पैकेज का शानदार ऑफर मिला।

Related Post

परिवार ने दिया साथ

शिवम के माता-पिता राजकुमार ओहदार और डॉ. अर्चना कुमारी दोनों ही प्रोफेसर हैं और वर्तमान में रांची के अरगोड़ा क्षेत्र में रहते हैं। शिवम मानते हैं कि माता-पिता का सहयोग और पढ़ाई का अनुकूल वातावरण उनकी सबसे बड़ी शक्ति रहा है। बारहवीं की पहली परीक्षा में जब परिणाम उम्मीदों के अनुसार नहीं आया, तब परिवार ने उनका मनोबल टूटने नहीं दिया और उन्हें बेहतर तैयारी करने के लिए प्रेरित किया।

Teachers Bharti 2025: शिक्षक बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी! प्राइमरी स्कूलों में 1180 पदों पर निकली टीचर की भर्ती

असफलता को बनाया अवसर

शिवम का कहना है कि असफलता अंत नहीं, बल्कि सुधार का मौका होती है। उनका मानना है कि 74% अंक किसी भी छात्र के लिए असफलता का पैमाना नहीं, बल्कि आगे बढ़ने की शुरुआत है। वे निरंतर सीखने और जिज्ञासा बनाए रखने को ही वास्तविक सफलता की कुंजी मानते हैं।

IGNOU Admission 2025: नौकरी के साथ डिग्री भी करनी है पूरी, तो IGNOU में ले एडमिशन

Shivi Bajpai

Recent Posts

पाक करेगा टी20 वर्ल्ड कप को बॉयकॉट! जानें इस बार क्या है PCB की भारत न आने की साजिश?

T20 World Cup 2026: कई रिपोर्ट्स में कहा गया था कि पाकिस्तान बांग्लादेश के समर्थन…

January 19, 2026

BJP Presidents List: नितिन नबीन बनेंगे बीजेपी के अगले अध्यक्ष, यहां देखें 1980 से 2020 तक भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्षों की लिस्ट

BJP Party Presidents: 2019 तक BJP राष्ट्रीय संसद में प्रतिनिधित्व (303 सीटें) के मामले में…

January 19, 2026

भीख नहीं मांगी, लोग खुद देते थे पैसे! करोड़पति भिखारी की हैरान कर देने वाली कहानी

Indore Rich Beggar Mangilal: मध्य प्रदेश के इंदौर में एक दिव्यांग भिखारी जो सालों से…

January 19, 2026