Admission in NCC : भारत के युवाओं के बीच राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) लंबे समय से अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्रसेवा की भावना का प्रतीक रहा है. स्कूल और कॉलेज स्तर पर चलने वाली यह संस्था युवाओं को सैन्य जीवन की बुनियादी ट्रेनिंग देती है. हालांकि, यह समझना जरूरी है कि एनसीसी स्वयं कोई वेतनभोगी नौकरी नहीं है, बल्कि यह एक प्रशिक्षण और व्यक्तित्व विकास का मंच है. सेना में वास्तविक वेतन तब मिलता है जब कोई अभ्यर्थी नियमित रूप से चयनित होकर कमीशंड अधिकारी या सैनिक के रूप में शामिल होता है.
क्या एनसीसी में प्रवेश के समय वेतन मिलता है?
एनसीसी कैडेट्स को मासिक वेतन नहीं मिलता. प्रशिक्षण शिविरों, ट्रेकिंग, रिपब्लिक डे कैंप जैसे विशेष आयोजनों के दौरान उन्हें भत्ता या यात्रा/रहने-खाने की सुविधा मिल सकती है, लेकिन इसे वेतन नहीं कहा जाता. एनसीसी का सबसे बड़ा लाभ यह है कि ‘C’ सर्टिफिकेट धारकों को सेना भर्ती में विशेष अवसर मिलते हैं.
एनसीसी के जरिए सेना में कैसे मिलती है एंट्री?
‘C’ सर्टिफिकेट वाले उम्मीदवारों को भारतीय सेना की विशेष एनसीसी एंट्री स्कीम के तहत सीधे सर्विस सिलेक्शन बोर्ड (SSB) इंटरव्यू के लिए बुलाया जा सकता है. इस प्रक्रिया में लिखित परीक्षा से छूट मिलती है (निर्धारित शर्तों के अधीन). चयन के बाद उम्मीदवार अधिकारी के रूप में ट्रेनिंग पाता है.
सेना में अधिकारी बनने के बाद रैंक और वेतनमान
- सेना में चयनित होने के बाद वेतन 7वें वेतन आयोग के अनुसार मिलता है.
- प्रारंभिक रैंक लेफ्टिनेंट होती है.
- लेफ्टिनेंट – वेतन स्तर 10, लगभग ₹56,100 प्रति माह से शुरुआत
- कैप्टन – वेतन स्तर 10B, लगभग ₹61,300 से ऊपर
- मेजर – वेतन स्तर 11, लगभग ₹69,400 से ऊपर
- आगे बढ़ते हुए कर्नल, ब्रिगेडियर, मेजर जनरल आदि रैंक पर वेतन और भत्ते बढ़ते जाते हैं.
- इसके अलावा सैन्य सेवा वेतन (MSP), डियरनेस अलाउंस, हाउस रेंट अलाउंस, ट्रांसपोर्ट अलाउंस और फील्ड एरिया अलाउंस जैसे कई भत्ते भी मिलते हैं.
जवान के रूप में वेतन
यदि कोई अभ्यर्थी सैनिक के रूप में चयनित होता है तो प्रारंभिक वेतन लगभग ₹21,700 (लेवल-3) से शुरू होता है, जिसमें विभिन्न भत्ते अलग से जुड़ते हैं.
एनसीसी से करियर ग्रोथ
एनसीसी कैडेट्स को नेतृत्व, टीमवर्क और अनुशासन का अनुभव मिलता है, जो SSB इंटरव्यू में मददगार साबित होता है. कई कैडेट्स बाद में सेना, नौसेना, वायुसेना, अर्धसैनिक बलों और सिविल सेवाओं में भी सफल होते हैं. एनसीसी केवल सैन्य करियर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास और राष्ट्रीय भावना को मजबूत करता है.