Seat Samikaran: मां-बेटे की सियासी जंग! गवाह बनी गोविंदपुर विधानसभा सीट, जानिए चुनावी सफर

Gobindpur Assembly Election 2025: गोविंदपुर सीट से 15 चुनाव में से 10 चुनाव में एक ही परिवार को जीत मिली. हालांकि 2020 के चुनाव में इस परिवार के उम्मीदावार को हार का सामना करना पड़ा. जानिये यहां का चुनावी सफर..

Published by Mohammad Nematullah

Bihar Chunav: बिहार में साल के अंत में चुनाव होने है. चुनाव से पहले ही बिहार में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने है. इसी चुनावी गहमागहमी के बीच आज हम गोविंदपुर सीट पर चर्चा करेंगे. इस सीट पर हुए 15 चुनावों में से 10 में गायत्री देवी और उनके परिवार ने जीत हासिल की है. इस सीट की एक और खास बात ये है कि लगभग 22 साल तक विधायक रहीं गायत्री देवी 2005 का चुनाव अपने ही बेटे से हार गईं थी.

नवादा बिहार के 38 जिलो में से एक है. नवादा जिला 2 अनुमंडल और 14 प्रखंड में विभाजित है. जिले में 5 विधानसभा सीट है. जैसे रजौली, हिसुआ, नवादा, गोविंदपुर और वारिसलीगंज. हम गोविंदपुर सीट पर चर्चा करेंगे. ये सीट 1967 में अस्तित्व में आई है.

2000 में गायत्री देवी की जीत

2000 के चुनाव में गायत्री देवी ने राजद के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. ​​उन्होंने समता पार्टी के मोहन सिंह को 8,919 मतों से मात दी. गायत्री देवी को कुल 45,930 मत मिले जबकि मोहन सिंह को 37,011 मत मिले थे.

2005 में गायत्री देवी अपने बेटे से हार गई

गायत्री देवी गोविंदपुर सीट से 5 बार विधायक चुनी गई. फरवरी 2005 के चुनाव में राजद की गायत्री देवी अपने ही बेटे कौशल यादव से हार गई थी.निर्दलीय उम्मीदवार कौशल यादव 54,732 मतों से जीता था. जदयू के केबी प्रसाद दूसरे स्थान पर रहे. गायत्री देवी तीसरे स्थान पर रही. अक्टूबर 2005 में कौशल यादव ने फिर से निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. ​​इस चुनाव में उन्होंने राजद के संजय कुमार प्रभात को 15,276 मतों से हराया. कौशल यादव को कुल 41,859 वोट मिले जबकि संजय कुमार को 26,583 वोट मिला था.

Related Post

2010 के चुनाव में कौशल यादव जदयू में शामिल हो गए और जीत गए. उन्होंने लोजपा के केबी प्रसाद को 20,887 वोटों से हराया था. कौशल को कुल 45,589 वोट मिला था जबकि केबी प्रसाद को 24,702 वोट मिले.

2015 में 20 साल बाद कांग्रेस की वापसी

2015 के चुनाव में तत्कालीन विधायक कौशल यादव की पत्नी पूर्णिमा यादव ने कांग्रेस के टिकट पर गोविंदपुर सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की थी. ​​उन्होंने भाजपा की फूला देवी को 4,399 वोटों से हराया था. पूर्णिमा यादव को कुल 43,016 वोट मिले जबकि फूला देवी को 38,617 वोट मिला था.

2020 में पूर्णिमा यादव हारी

2020 के चुनाव में पूर्णिमा यादव ने जदयू के टिकट पर चुनाव लड़ी. हालांकि वे यह चुनाव हार गईं. उन्हें राजद के एमडी कामरान ने 33,074 वोटों से हराया था. कामरान को कुल 79,557 वोट मिले जबकि पूर्णिमा यादव को 46,483 वोटों से संतोष करना पड़ा था.

Mohammad Nematullah

Recent Posts

इटावा में सुबह-सुबह बड़ी कार्रवाई, अवैध खनन माफिया पर शिकंजा; 2 गिरफ्तार

Etawah Forest Raid: इटावा वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 8 लोगों के खिलाफ…

April 21, 2026

कानून से खिलवाड़ पड़ा महंगा: चंदौली में SI निलंबित, जांच में खुली बड़ी चूक

Mughalsarai SI suspended: मुगलसराय में पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने बड़ी कार्रवाई की है. उन्होंने…

April 21, 2026

क्रिकेट के मैदान तक पहुंचा लॉरेंस बिश्नोई गैंग का आतंक; डर के चलते इस टीम ने बदला अपना कप्तान!

Dilpreet Bajwa link Lawrence Bishnoi: भारतीय मूल के क्रिकेटर दिलप्रीत बाजवा, जिन्होंने हाल ही में…

April 20, 2026