What Are ‘Green Jobs’ : हरित नौकरियां या ‘ग्रीन जॉब्स’ का मतलब ऐसे रोजगारों से हैं, जो पर्यावरण की गुणवत्ता को बनाए रखने में मददगार साबित होते हैं. यह नौकरियां आर्थिक विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं. सतत् विकास के लक्ष्यों में ‘ग्रीन जॉब्स’ एक प्रमुख नौकरी बनकर उभर रही हैं.
सतत् विकास और ग्रीन जॉब्स
दरअसल, पर्यावरण क्षरण को कम करने के लिए आर्थिक विकास को बढावा देने को लिए ग्रीन जॉब्स पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है. इसी कारण हरित नौकरी अब सतत विकास के लिए प्रमुख घटक बन चुकी हैं. हरित नौकरियां अब हमारे जीने के तरीके को लेकर एक नई तरह की व्यवस्था बनाने की कोशिश की है. सतत् विकास का अर्थ है: वर्तमान की आवश्यकताओं को पूरा करना और ध्यान रखना कि भावी पीढियां अपनी आवश्यकताओं को स्वयं पूरा कर सकें.
‘ग्रीन जॉब्स’की विशेषताएं
- ‘ग्रीन जॉब्स’ रोज़गार के नए अवसर देती है.
- ग्रीन जॉब्स पर्यावरण संरक्षण में योगदान देती हैं.
- नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का उपयोग.
- सतत् विकास का समर्थन करना.
- कचरे का ज़िम्मेदारी से प्रबंधन करना.
‘ग्रीन जॉब्स’ का विकास
बता दें कि यह नौकरियां कई उद्योगों में फैली हो सकती हैं. दरअसल, पर्यावरण के अनुकूल परिवहन में काम करने के साथ अक्षय ऊर्जा में विशेषज्ञता तक सभी में ग्रीन जॉब्स में कई तरह की भूमिका अदा कर सकती हैं. यह जॉब्स आने वाली पीढियों के लिये एक संधारणीय भविष्य सुनिश्चित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं. हरित नौकरियों के क्षेत्र में काम के साथ-साथ केवल पर्यावरण संरक्षण होता है.
अर्थव्यवस्था पर ग्रीन जॉब्स का प्रभाव
ग्रीन जॉब्स आर्थिक गतिविधियों के बुरे असर को कम करके पर्यावरण की स्थिति को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं. इससे न सिर्फ पर्यावरण को, बल्कि अर्थव्यवस्था को भी फायदा होता है. ग्रीन इंडस्ट्रीज के बढने से रोजगार के नए मौके बनते हैं और आर्थिक विकास को बढावा मिलता है. ग्रीन जॉब्स इंसानी गतिविधियों से होने वाले पर्यावरण पर बुरे असर को कम करने में भी मदद करते हैं.
ग्रीन जॉब्स के विस्तार में चुनौतियां
- एक व्यापक पॉलिसी फ्रेमवर्क की कमी
- अपर्याप्त वित्तीय संसाधन
- स्किल्स में बेमेल
- अपर्याप्त टेक्नोलॉजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर
ग्रीन जॉब्स को बढावा देने और पर्यावरण सुरक्षा के साथ-साथ आर्थिक विकास हासिल करने के लिए इन बाधाओं को दूर करना बहुत जरूरी है. ग्रीन टेक्नोलॉजी और तरीकों के तेजी से विकास के लिए ऐसे वर्कफोर्स की जरूरत है जिसके पास रिन्यूएबल एनर्जी, एनर्जी एफिशिएंसी और सस्टेनेबल एग्रीकल्चर जैसे क्षेत्रों में खास स्किल्स हों.