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PF निकालना हुआ आसान! जानिए नई शर्तें, लिमिट और 75% बनाम 25% का फॉर्मूला समझिए

PF Withdrawal Via UPI: EPFO सदस्य जल्द ही UPI के जरिए सीधे अपने बैंक अकाउंट से अपना प्रोविडेंट फंड (PF) निकाल सकते है. यह नई सुविधा अप्रैल 2026 से लागू होगी. इस कदम का मकसद लगभग आठ करोड़ सदस्यों के लिए पैसे निकालने की प्रक्रिया को आसान बनाना है.

By: Mohammad Nematullah | Published: January 26, 2026 6:43:30 PM IST



PF Withdrawal Via UPI: EPFO सदस्य जल्द ही UPI के जरिए सीधे अपने बैंक अकाउंट से अपना प्रोविडेंट फंड (PF) निकाल सकते है. यह नई सुविधा अप्रैल 2026 से लागू होगी. इस कदम का मकसद लगभग आठ करोड़ सदस्यों के लिए पैसे निकालने की प्रक्रिया को आसान बनाना है. हाल के बदलावों में आंशिक निकासी के लिए आसान नियम और ऑटो-सेटलमेंट लिमिट में बढ़ोतरी भी शामिल है.

BHIM ऐप के साथ सीधा कनेक्शन

अप्रैल से आपको मुश्किल ऑनलाइन पोर्टल पर जाने की जरूरत नही होगी. जैसे ही आप ऐप खोलेंगे, आपको दो तरह के बैलेंस दिखाई देगा.

एलिजिबल बैलेंस: वह रकम जिसे आप तुरंत निकाल सकते है.

मिनिमम बैलेंस: 25% हिस्सा जो आपके भविष्य के लिए सुरक्षित रखा जाएगा.

कितनी लिमिट होगी?

सुरक्षा के कारण से प्रति ट्रांजैक्शन 25000 की शुरूआती लिमिट तय की गई है. जिसका मतलब है कि आप एक बार में इस रकम से ज्यादा नही निकाल सकते है. 

फंड निकालने के लिए कौन सा PIN इस्तेमाल होगा?

EPF सब्सक्राइबर ट्रांज़ैक्शन पूरा करने के लिए अपने लिंक्ड UPI PIN का इस्तेमाल कर पाएंगे. एक बार फंड अकाउंट में ट्रांसफर हो जाने के बाद EPFO ​​सदस्य उस पैसे का इस्तेमाल अपनी मर्ज़ी से कर सकते है.

निकासी को और ज़्यादा आसान बनाया गया

शिक्षा या बीमारी के लिए निकासी की लिमिट को और ज़्यादा आसान बनाया गया है. अब मेंबरशिप की अवधि के दौरान शिक्षा के लिए 10 बार और शादी के लिए पांच बार आंशिक निकासी की जा सकती है. पहले शादी और शिक्षा दोनों के लिए कुल मिलाकर सिर्फ़ तीन बार निकासी की लिमिट थी. बीमारी और खास परिस्थितियों की कैटेगरी के तहत हर फाइनेंशियल ईयर में क्रमशः तीन और दो बार निकासी की अनुमति होगी.

अभी क्या प्रक्रिया है?

अभी EPFO ​​सदस्यों को अपने EPF पैसे निकालने के लिए विड्रॉल क्लेम के लिए अप्लाई करना पड़ता है, जो एक समय लेने वाली प्रक्रिया है. ऑटो-सेटलमेंट मोड के तहत विड्रॉल क्लेम एप्लीकेशन फॉर्म भरने के तीन दिनों के अंदर बिना किसी इंसान के दखल के इलेक्ट्रॉनिक रूप से सेटल हो जाते है. इस ऑटो-सेटलमेंट मोड की लिमिट पहले ही 1 लाख से बढ़ाकर 5 लाख कर दी गई है.

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