Home > व्यापार > आखिर क्यों एक मंच पर आए US-जर्मनी, फ्रांस, रूस, ईरान और कतर समेत कई देश, क्या है भारत की ‘ताकत’ से संबंध

आखिर क्यों एक मंच पर आए US-जर्मनी, फ्रांस, रूस, ईरान और कतर समेत कई देश, क्या है भारत की ‘ताकत’ से संबंध

Hyderabad Wings India 2026: भारत खुद को सस्टेनेबल एविएशन में एक लीडर के तौर पर स्थापित कर रहा है. 31 जनवरी तक चलने वाले विंग्स इंडिया 2026 इन कोशिशों को हाईलाइट करेगा. साथ ही विस्तार और इनोवेट करना जारी रखेगा.

By: JP Yadav | Last Updated: January 28, 2026 5:57:41 PM IST



Hyderabad Wings India 2026: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भले ही भारत पर टैरिफ लगाकर मुश्किलें बढ़ा रहे हैं, लेकिन नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में देश भी ठोस तरीके से मुकाबला कर रहा है. भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच पिछले दिनों हुई ट्रेड डील भी कई मायनों में अहम है. इस बीच हैदराबाद में बुधवार (28 जनवरी, 2026) से शुरू हुआ ‘विंग्स इंडिया 2026’ ग्लोबल एविएशन इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा इवेंट बनने वाला है. इस बड़े इवेंट में ईरान अपने प्रतिद्वंद्वी अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, फ्रांस, जर्मनी और कतर जैसे बड़े देशों के साथ शामिल हो रहा है. यह बुधवार (28 जनवरी, 2026) से शुरू हो चुका है और आगामी शनिवार (31 जनवरी 2026) को संपन्न होगा.

हैदराबाद के बेगमपेट एयरपोर्ट पर आयोजित हो रहे इस इवेंट में भारत की ग्लोबल एविएशन लीडर के तौर पर पहचान बननी तय मानी जा रही है. यह ईवेंट भारत के लिए एविएशन सेक्टर में मील का पत्थर साबित हो सकता है. यह ईवेंट यह संकेत भी दे रहा है कि ग्लोबल एविएशन में भारत की जगह और मज़बूत होती जा रही है.  

दुनिया देखेगी भारत की एविएशन क्षमता

विंग्स इंडिया 2026 की ग्रैंड ओपनिंग बुधवार (28 जनवरी, 2026) को हुई. 4 दिन के इस इवेंट में कई शानदार एक्टिविटीज़ होंगी. इनमें एयरक्राफ्ट डिस्प्ले, एरोबैटिक फ्लाइंग शो, एक ग्लोबल एविएशन कॉन्फ्रेंस और B2B और B2G मीटिंग शामिल हैं. यह प्लेटफॉर्म इंडस्ट्री के लीडर्स को आइडिया शेयर करने के साथ-साथ इनोवेशन एक्सप्लोर करने में भी मदद करेगा. सही मायने में यह ईवेंट हवाई यात्रा के भविष्य को नई दिशा देने में मददगार साबित होगा. इसमें भारत की भूमिका भी अहम होने वाली है. 

ग्लोबल एविएशन कोलैबोरेशन

विंग्स इंडिया 2026 में  ईरान, मालदीव, मंगोलिया, मोज़ाम्बिक, कंबोडिया, घाना, रूस, सेशेल्स, त्रिनिदाद और टोबैगो, सिंगापुर, अल्जीरिया, डोमिनिकन रिपब्लिक, ओमान, कतर, यूरोपियन यूनियन, UK, फ्रांस, जर्मनी और USA सहित 20 से ज़्यादा देशों के मिनिस्टीरियल डेलीगेशन और ऑफिशियल रिप्रेजेंटेटिव शामिल हैं. इसमें राज्यों के मंत्री और अधिकारी भी रिप्रेजेंट के तौर पर होंगे. यह भारत के एविएशन लैंडस्केप में मिलकर काम करने की भावना को और दिखाएगा. इसमें CEO राउंडटेबल्स होंगी, जहां इंडस्ट्री लीडर्स एविएशन की भविष्य की दिशा पर चर्चा करेंगे.

क्रूज़ लाइन पैकेज

इस इवेंट में CEO राउंडटेबल, एक ग्लोबल CEOs फोरम और एक जॉब फेयर भी आयोजित किया जा रहा है. यह सभी एविएशन कम्युनिटी को जोड़ने के लिए डिज़ाइन किया गया है. इवेंट में एक स्टूडेंट इनोवेशन कॉम्पिटिशन भी होगा जो यंगस्टर्स को अपनी क्रिएटिविटी और आइडिया दिखाने के लिए होगा.  इसका मकसद एविएशन लीडर्स की अगली पीढ़ी को बढ़ावा देना है. 

भारत की तेज़ी से एविएशन ग्रोथ

बेशक भारत की एविएशन इंडस्ट्री ने पिछले एक दशक के दौरान ज़बरदस्त ग्रोथ की है. पैसेंजर ट्रैफिक में इजाफा हुआ है. देश की एयर इंडिया, इंडिगो और अकासा एयर जैसी कैरियर कंपनियों ने सैकड़ों नए एयरक्राफ्ट के साथ अपने फ्लीट को बढ़ाया है. साथ ही भारत की एविएशन क्षमता का लोहा भी पूरी दुनिया मानने लगी है 

यात्री हुई आसान

पिछले कुछ सालों के दौरान देश में कम लागत वाली एयरलाइन कंपनियों के आने से हवाई यात्रा आसान हो गई है. टिकट के लिए अब ज्यादा मारामारी भी नजर नहीं आती है. लोग अपने ट्रेन की तुलना में प्लेन को तवज्जो देने लगे हैं. यह वजह है कि यह आम लोगों के लिए ज़्यादा आसान हो गई है. इसके साथ ही एयरक्राफ्ट बनाने, पायलट ट्रेनिंग और एयरक्राफ्ट के रखरखाव में भी काफ़ी तरक्की हो रही है. इसके प्रभाव से भारत ग्लोबल एविएशन इकोसिस्टम में एक अहम खिलाड़ी के तौर पर उभरा है. 

सस्टेनेबल एविएशन: भारत का ग्रीन भविष्य

विंग्स इंडिया 2026 में एक मुख्य थीम सस्टेनेबिलिटी होगी, जिसमें भारत ज़्यादा ग्रीन और बेहतर एविएशन समाधानों के लिए सक्रिय रूप से कोशिश कर रहा है। देश सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिससे हवाई यात्रा का कार्बन फुटप्रिंट कम होता है। इसके अलावा, ग्रीन एयरपोर्ट के विकास और इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेकऑफ़ और लैंडिंग (eVTOL) एयरक्राफ्ट सहित एडवांस्ड एयर मोबिलिटी टेक्नोलॉजी के इंटीग्रेशन पर ज़्यादा ध्यान दिया जा रहा है।

मुख्य एग्जिबिटर्स और पार्टिसिपेंट्स

इस इवेंट के लिए कन्फर्म की गई कई ग्लोबल और घरेलू एविएशन कंपनियों में एयरबस, बोइंग, एम्ब्रेयर, HAL,  CSIR-NAL, GMR, डसॉल्ट, बेल टेक्सट्रॉन, ATR, पिलाटस, डी हैविलैंड, RTX, रोल्स-रॉयस, यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन, अडानी, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, एतिहाद एयरवेज, थाई एयरवेज, एयर इंडिया, इंडिगो और अकासा एयर शामिल हैं.  

Advertisement