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EPF withdrawal Rules: नौकरी छोड़ने पर कैसे मिलता है EPF का पैसा, जान लें नियम..!

EPF withdrawal Rules: बहुत से लोगों के मन में एक सवाल आता है कि अगर उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी तो उनके जो पीएफ अकाउंट का पैसा है उसका क्या होता है. अगर आप भी ये सोचते हैं तो आइए हम आपको बताते हैं-

By: sanskritij jaipuria | Published: February 4, 2026 4:05:41 PM IST



EPF withdrawal Rules: अगर आप किसी प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं, तो आपकी सैलरी से हर महीने एंप्लॉयीज प्रोविडेंट फंड (ईपीएफ) में पैसा कटता है. आपका एंप्लॉयर भी आपके अकाउंट में बराबर योगदान करता है. वैसे तो ये पैसा रिटायरमेंट पर मिलता है, लेकिन लोगों के मन में एक सवाल होता है कि अगर वो नौकरा छोड़ के किसी और कंपनी में जाएं तो उस पैसे का फिर क्या होता है. अगर आपको दिमाग में बी ये चीज आती है तो हम आपको इसके बारे में बताने आए है-

EPFO के नियमों के अनुसार, जब कोई एंप्लॉयी 58 या 60 साल की उम्र में रिटायर होता है, तो उसे ईपीएफ में जमा पूरा पैसा एकमुश्त मिल जाता है. अगर रिटायरमेंट से पहले नौकरी छोड़ने के बाद भी आप दो महीने तक बेरोजगार रहते हैं, तो आप अपना पूरा बैलेंस निकाल सकते हैं. अगर आप नौकरी बदलते हैं, तो अपने पुराने पीएफ बैलेंस को नए एंप्लॉयर के पास ट्रांसफर कर सकते हैं. इसके लिए आपका UAN (यूनिवर्सल अकाउंट नंबर) एक्टिव होना जरूरी है.

 नौकरी छोड़ने पर कितना पैसा निकाला जा सकता है

अगर कोई एंप्लॉयी नौकरी छोड़कर विदेश सेटल हो जाता है या नौकरी बदल देता है, तो वो अपने ईपीएफ का पैसा निकाल सकता है.

 नौकरी छोड़ने के एक महीने बाद आप अपने ईपीएफ अकाउंट का लगभग 75% पैसा निकाल सकते हैं.
 बाकी 25% पैसे को आप अपने अकाउंट में रख सकते हैं.
 अगर आप दो महीने तक बेरोजगार रहते हैं, तो आप पूरा पैसा निकाल सकते हैं.

इस नियम का उद्देश्य नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारियों को तुरंत आर्थिक मदद देना है.

 ईपीएफ निकालने पर टैक्स लगता है या नहीं?

ईपीएफ से पैसे निकालने पर टैक्स इस बात पर निर्भर करता है कि आपने कितने साल तक लगातार नौकरी की है.

 अगर आपने लगातार 5 साल से कम काम किया और पैसे निकाले, तो आपको टैक्स देना पड़ सकता है.
 अगर निकाले गए पैसे की रकम एक लिमिट से ज्यादा है, तो TDS (टैक्स डिडक्शन एट सोर्स) भी लागू हो सकता है.
 लेकिन अगर आपने लगातार 5 साल से ज्यादा काम किया और पीएफ को नए एंप्लॉयर के पास ट्रांसफर किया, तो टैक्स नहीं लगता.

इसका मकसद है कि लोग अपने पीएफ को जल्दी न निकालें और रिटायरमेंट के लिए फंड जमा हो.

 EPS (Employees Pension Scheme) का पैसा

ईपीएस में जमा पैसे को निकालने के नियम ईपीएफ से अलग हैं:

 अगर आपने EPS में कम से कम 10 साल तक योगदान किया है, तो रिटायरमेंट से पहले आप इसे एकमुश्त नहीं निकाल सकते.
 58 या 60 साल की उम्र में रिटायरमेंट पर आपको पेंशन मिलती है.
 अगर योगदान 10 साल से कम है और आप नौकरी छोड़ देते हैं, तो आप EPS में जमा पैसा निकाल सकते हैं.

ईपीएफ और EPS दोनों ही आपके भविष्य और रिटायरमेंट के लिए जरूरी हैं. नौकरी छोड़ने या बदलने पर आप तुरंत कुछ पैसा निकाल सकते हैं, लेकिन पूरा फंड रिटायरमेंट तक रखना ही फायदेमंद होता है.

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