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फिक्स्ड या फ्लोटिंग… जानें कौन सा लोन है बेहतर, अभी जान लें दोनों में फर्क…!

fixed vs floating : होम लोन में फिक्स्ड और फ्लोटिंग ब्याज दर का चुनाव महत्वपूर्ण है. सही ऑप्शन चुनने से EMI कम होती है, बचत बढ़ती है और वित्तीय सुरक्षा मजबूत होती है.

Published by sanskritij jaipuria

fixed vs floating : घर खरीदना जीवन की बड़ी उपलब्धियों में से एक है, लेकिन होम लोन लेते समय ब्याज दर का चुनाव आपके वित्तीय भविष्य पर गहरा असर डाल सकता है. फिक्स्ड और फ्लोटिंग ब्याज दर के बीच सही ऑप्शन चुनना सिर्फ EMI कम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि ये लाखों रुपये की बचत का रास्ता भी खोल सकता है.

फिक्स्ड रेट होम लोन में ब्याज दर पूरी लोन अवधि के दौरान स्थिर रहती है. इसका मतलब है कि EMI हर महीने समान रहेगा. ये उन लोगों के लिए सही है जो ब्याज दर में उतार-चढ़ाव का जोखिम नहीं लेना चाहते. हालांकि, फिक्स्ड रेट आमतौर पर फ्लोटिंग रेट से थोड़ा ज्यादा होता है. इसका नुकसान ये है कि अगर बाजार में ब्याज दर घटती है, तो फिक्स्ड रेट लोन धारक इसका लाभ नहीं उठा पाते. कई मामलों में देखा गया है कि फिक्स्ड रेट लेने वाले लोग बाद में फ्लोटिंग रेट धारकों की तुलना में ज्यादा ब्याज चुका चुके होते हैं.

फ्लोटिंग रेट होम लोन

फ्लोटिंग रेट होम लोन में ब्याज दर बैंक और RBI की नीतियों के अनुसार बदलती रहती है. इसका मतलब है कि EMI में उतार-चढ़ाव होता रहता है. शुरुआत में फ्लोटिंग रेट कम होता है, जिससे शुरुआती भुगतान आसान लगता है.

लेकिन ध्यान देने वाली बात ये है कि अगर ब्याज दर बढ़ती है, तो EMI भी बढ़ जाता है. पिछले कुछ सालों में कई परिवारों को बढ़ती EMI की वजह से अतिरिक्त वित्तीय दबाव झेलना पड़ा है.

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विशेषज्ञों की राय

विशेषज्ञों के अनुसार, लंबी अवधि के लिए फ्लोटिंग रेट आधारित लोन लेना फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि इसमें ब्याज दर घटने पर बचत संभव है. वहीं, सेवानिवृत्ति के करीब या सुरक्षित वित्तीय स्थिति चाहने वाले लोग फिक्स्ड या हाइब्रिड ऑप्शन चुन सकते हैं. हाइब्रिड ऑप्शन में शुरू में फिक्स्ड और बाद में फ्लोटिंग रेट का मिश्रण होता है, जिससे दोनों का लाभ लिया जा सकता है.

सही ऑप्शन चुनने के टिप्स

 अपनी वित्तीय स्थिति और मासिक आय का मूल्यांकन करें.
 अपनी जोखिम सहनशीलता को समझें.
 अपने भविष्य के लक्ष्य, जैसे बच्चों की पढ़ाई या सेवानिवृत्ति, को ध्यान में रखें.
 EMI का भार और लंबी अवधि का प्रभाव सोचकर निर्णय लें.

होम लोन में फिक्स्ड और फ्लोटिंग ब्याज दर के ऑप्शन में सही चुनाव आपकी EMI को कम कर सकता है और आर्थिक तनाव घटा सकता है. अपने वित्तीय लक्ष्यों और जोखिम क्षमता के अनुसार सही ऑप्शन चुनकर आप घर का सपना आसानी से साकार कर सकते हैं.

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sanskritij jaipuria

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