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Gold ETF vs Gold Mutual Fund: यहां जानिए, इस समय कौन सा गोल्ड निवेश आपको देगा ज्यादा फायदा?

त्योहारी सीजन के बाद सोने की कीमतों में गिरावट निवेशकों के लिए एक अच्छा मौका पेश कर रही है. जानें Gold ETF और Gold Mutual Fund में क्या अंतर है, कौन सा विकल्प आपकी जरूरत और निवेश रणनीति के लिए बेहतर है, और डिजिटल गोल्ड में निवेश से जुड़े फायदे और टैक्स नियम.

By: Shivani Singh | Published: November 2, 2025 11:58:27 PM IST



त्योहारी रौनक के बाद अब बाज़ार में सोने की कीमतें धीरे-धीरे नरम पड़ती दिखाई दे रही हैं. ऐसे समय में निवेशकों के लिए यह सोने में निवेश को लेकर सोचने का बेहतरीन मौका हो सकता है. लेकिन आज के आधुनिक दौर में सोना खरीदने का मतलब सिर्फ जेवरात या सिक्के रखना ही नहीं रह गया है. अब निवेश का खेल डिजिटल सोने की ओर बढ़ चुका है. यानी, बिना सोना घर में रखे आप उसके दामों का फायदा उठा सकते हैं. लेकिन सवाल उठता है क्या डिजिटल सोना खरीदने के लिए गोल्ड ईटीएफ सही रहेगा? या फिर गोल्ड म्यूचुअल फंड अधिक समझदारी भरा विकल्प है? आगे हम इन दोनों विकल्पों में फर्क, फायदे और आपकी ज़रूरत के अनुसार बेहतर विकल्प के बारे में समझेंगे.

पिछले कुछ सालों में सोने ने शानदार रिटर्न भी दिया है. अगर आप सोना खरीदने और मैनेज करने की परेशानी नहीं चाहते हैं, तो आप गोल्ड ETF या गोल्ड म्यूचुअल फंड जैसे डिजिटल ऑप्शन में से चुन सकते हैं. दोनों ऑप्शन आपके सोने तक डिजिटल एक्सेस देते हैं. 

गोल्ड म्यूचुअल फंड

गोल्ड म्यूचुअल फंड के तहत, आप SIP के ज़रिए सोने में थोड़ी रकम निवेश करते हैं. आपको डीमैट अकाउंट की ज़रूरत नहीं है. आपका फंड मैनेजर आपके पैसे सीधे सोने या गोल्ड ETF में निवेश करता है.

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि गोल्ड म्यूचुअल फंड नए निवेशकों के लिए एक आसान विकल्प हो सकता है. जो लोग रियल-टाइम ट्रेड नहीं करना चाहते हैं और फिर भी अपने निवेश पर अच्छा रिटर्न चाहते हैं.

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गोल्ड ETF

गोल्ड ETF में निवेश करने से आप सोने की कीमतों को रियल-टाइम में ट्रैक कर सकते हैं. इसके लिए डीमैट अकाउंट की ज़रूरत होती है, क्योंकि आप स्टॉक मार्केट में अपना सोना खरीदते और बेचते हैं. गोल्ड ETF की कीमतें पूरे दिन ऊपर-नीचे होती रहती हैं. मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि अगर आपको ज़्यादा लिक्विडिटी चाहिए और मार्केट की जानकारी है, तो आप गोल्ड ETF में इन्वेस्ट कर सकते हैं. गोल्ड ETF के लिए आपको ब्रोकरेज और डीमैट अकाउंट चार्ज देना होगा.

गोल्ड ETF और गोल्ड म्यूचुअल फंड दोनों में इन्वेस्ट करने से आपके सोने के चोरी होने या खोने का रिस्क खत्म हो जाता है. टैक्सेशन की बात करें तो, आप गोल्ड ETF और गोल्ड म्यूचुअल फंड दोनों पर टैक्सेबल हैं. अगर आप तीन साल के अंदर अपना इन्वेस्टमेंट बेचते हैं, तो आपको शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन टैक्स देना होगा.

तीन साल बाद, आपको लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन टैक्स देना होगा. आप अपनी सुविधा और ज़रूरतों के हिसाब से कोई भी ऑप्शन चुन सकते हैं. हालांकि, कोई भी इन्वेस्टमेंट करने से पहले आपको अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लेनी चाहिए.

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