Credit Card Rules: आज के समय में क्रेडिट कार्ड लोगों की रोजमर्रा की जरूरत बन गया है. खरीदारी करनी हो, ऑनलाइन भुगतान करना हो या अचानक कोई खर्च आ जाए, क्रेडिट कार्ड काम आ जाता है. लेकिन कई बार परिस्थितियां ऐसी बन जाती हैं कि लोग समय पर बिल नहीं चुका पाते. नौकरी चले जाना, कारोबार में नुकसान या अचानक बीमारी जैसे कारण इसकी बड़ी वजह होते हैं.
जब क्रेडिट कार्ड का बिल नहीं चुकता, तो लोगों को फोन कॉल, मैसेज और रिकवरी एजेंट के कॉल आने लगते हैं. ऐसे में कई लोग डर जाते हैं कि कहीं पुलिस मामला न बना दे या जेल न जाना पड़े. अक्सर ये सवाल उठता है कि क्या सिर्फ बिल न भरने पर गिरफ्तारी हो सकती है.
क्या केवल बकाया होने पर गिरफ्तारी होती है?
क्रेडिट कार्ड का बिल न चुकाना अपने आप में कोई आपराधिक अपराध नहीं है. ये कर्ज से जुड़ा मामला होता है, जिसे कानून में सिविल मामला माना जाता है. ऐसे मामलों में पुलिस सीधे गिरफ्तारी नहीं करती. बैंक या कार्ड कंपनी पहले आपको भुगतान की याद दिलाती है, फिर कॉल करती है और जरूरत पड़ने पर रिकवरी एजेंट के जरिए संपर्क करती है.
अगर लंबे समय तक पैसा नहीं मिलता, तो बैंक सिविल कोर्ट में केस कर सकता है.कोर्ट के जरिए ही बकाया राशि वसूलने की कोशिश होती है. इस प्रक्रिया में जेल का सवाल नहीं आता.
कब बन सकता है मामला गंभीर?
अगर ये साबित हो जाए कि कार्ड लेते समय आपने फर्जी दस्तावेज दिए थे, गलत जानकारी दी थी या शुरू से ही भुगतान न करने की मंशा थी, तो मामला अलग हो सकता है. ऐसे में इसे धोखाधड़ी माना जा सकता है और तब कानूनी कार्रवाई सख्त हो सकती है. इस स्थिति में गिरफ्तारी की संभावना भी बन सकती है.
बिल न चुकाने से होने वाले नुकसान
हालांकि गिरफ्तारी नहीं होती, लेकिन क्रेडिट कार्ड का बिल न भरने से कई तरह के नुकसान होते हैं. सबसे पहले इसका असर आपके क्रेडिट स्कोर पर पड़ता है. कुछ महीनों की देरी से ही स्कोर काफी गिर सकता है, जिससे आगे चलकर लोन लेना मुश्किल हो जाता है.
इसके अलावा लेट फीस और ज्यादा ब्याज का बोझ बढ़ता जाता है. बैंक आपका कार्ड बंद कर सकता है और रिकवरी की प्रक्रिया तेज हो सकती है. अगर मामला कोर्ट तक पहुंचता है, तो नोटिस, सुनवाई और अतिरिक्त खर्च भी झेलने पड़ सकते हैं.
समझदारी इसी में है
अगर किसी वजह से भुगतान में दिक्कत आ रही हो, तो बैंक से बात करना बेहतर होता है. समय रहते समाधान निकालने से न केवल परेशानी कम होती है, बल्कि भविष्य में होने वाले बड़े नुकसान से भी बचा जा सकता है.

