8th Pay Commission Date: इस समय देश में लगभग 50.14 लाख सरकारी कर्मचारी और 69 लाख पेंशनर लंबे समय से नई वेतन वृद्धि का इंतजार कर रहे हैं. हालिया रिपोर्टों के अनुसार, आठवें वेतन आयोग अपनी अंतरिम रिपोर्ट दिसंबर 2026 तक केंद्र सरकार को सौंप सकता है, जिससे कर्मचारियों की सैलरी बढ़ने की दिशा पूरी तरह साफ हो जाएगी.
कर्मचारी संघ अब अपनी मांगों को मजबूती से रखने के लिए एक्टिव हो गए हैं. जल्द ही जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (JCM) की नेशनल काउंसिल बैठक आयोजित होगी, जिसमें कर्मचारियों की मांगों की फाइनल लिस्ट तैयार कर सरकार को सौंप दी जाएगी. वहीं, न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाला तीन सदस्यीय पैनल भी अपनी अंतरिम रिपोर्ट तैयार करने में जुटा है.
रिपोर्ट कब तक तैयार होगी?
सरकार ने 28 अक्टूबर 2025 को आठवें वेतन आयोग के लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस जारी किए थे. रिपोर्ट तैयार करने के लिए आयोग को 18 महीने का समय दिया गया है. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पहले ही संकेत दिए हैं कि आयोग की अंतरिम रिपोर्ट नियमित समय से पहले आ सकती है. इस रिपोर्ट के आने के बाद कर्मचारियों की सैलरी बढ़ोतरी का रोडमैप साफ हो जाएगा.
फिटमेंट फैक्टर तय करेगा वेतन वृद्धि
कर्मचारियों की वेतन वृद्धि सीधे फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर करेगी. सातवें वेतन आयोग में इसे 2.57 रखा गया था, जिससे 14–16 प्रतिशत तक वेतन बढ़ा था. जानकारों का अनुमान है कि आठवें आयोग में ये फैक्टर 1.83 से 3.0 के बीच हो सकता है, जिससे मूल वेतन में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकता है.
किसे कितना लाभ होगा?
विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार पे लेवल 1 से 18 तक के कर्मचारियों को 20–35 प्रतिशत तक की वृद्धि मिल सकती है. उच्च पदों वाले अधिकारियों का सैलरी रुपये के हिसाब से बढ़ेगा, जबकि निचले लेवल के कर्मचारियों को प्रतिशत के आधार पर अधिक लाभ मिलने की संभावना है. ये वृद्धि एक पारदर्शी अंतर तय करेगी.
नेशनल काउंसिल JCM के सचिव शिव गोपाल मिश्रा का रुख साफ है: फिटमेंट फैक्टर किसी भी हालत में 2.57 से कम नहीं होना चाहिए. ये सातवें आयोग का बेंचमार्क था और इससे कम होना कर्मचारियों के लिए हानिकारक साबित होगा.
8वीं वेतन आयोग की संभावनाएं
प्रतिक वैद्य, मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ विजन ऑफिसर, Karma Management Global Consulting Solutions के अनुसार, 6वीं वेतन आयोग में औसतन 40% की वृद्धि हुई थी. 7वीं आयोग में कुल प्रभाव 23–25 प्रतिशत रहा, जिसमें फिटमेंट फैक्टर 2.57 था. 8वीं वेतन आयोग के लिए अनुमानित वृद्धि 20–35 प्रतिशत के बीच हो सकती है, जबकि फिटमेंट फैक्टर 2.4–3.0 के दायरे में रहने की संभावना है.
उन्होंने ये भी कहा कि अंतिम वेतन वृद्धि का फैसला मुद्रास्फीति, 16वीं वित्त आयोग की सिफारिशों, सरकारी वित्तीय स्थिति, कर संग्रह और राजनीतिक निर्णयों पर निर्भर करेगा. सरकार संतुलित बढ़ोतरी के साथ भत्तों और DA में सुधार की दिशा में भी कदम उठा सकती है.

