Pappu Yadav Controversial Statement: बिहार की राजनीति एक बार फिर विवादित बयानबाजी को लेकर गरम हो गई है. पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने केंद्रीय मंत्री और बेगूसराय के सांसद गिरिराज सिंह पर निशाना साधते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी.
गिरिराज सिंह का नाम आज से…
सोमवार, 12 जनवरी 2026 को किए गए अपने पोस्ट में पप्पू यादव ने लिखा, “गिरिराज सिंह का नाम आज से सुअर सिंह किया जाता है. काम न धाम, बस कीचड़ में लोटना है इनका काम. का हो सुअर सिंह?” इस बयान के साथ उन्होंने मंत्री पर गंभीर व्यक्तिगत टिप्पणी की, जिसके चलते सियासी हलकों में बहस तेज हो गई है.
पप्पू यादव ने अपने पोस्ट में यह स्पष्ट नहीं किया कि गिरिराज सिंह की किस विशेष टिप्पणी या मुद्दे को लेकर उन्होंने यह प्रतिक्रिया दी. हालांकि माना जा रहा है कि यह हमला गिरिराज सिंह के उन हालिया बयानों का जवाब हो सकता है, जिसमें उन्होंने कांग्रेस, महागठबंधन और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखे तंज कसे थे.
गिरिराज सिंह ने महागठबंधन पर कसा था तंज
हाल ही के एक सार्वजनिक बयान में गिरिराज सिंह ने बेगूसराय में कहा था कि महागठबंधन सिर्फ चुनावी व्यवस्था है जो राहुल गांधी के आसपास समय आने पर इकट्ठा हो जाता है और बाद में “संतरे की तरह बिखर जाता है.” उन्होंने ममता बनर्जी पर भी आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था और संस्थागत मर्यादाओं का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है. गिरिराज सिंह ने ईडी की कार्रवाई का हवाला देते हुए कहा था कि किसी मुख्यमंत्री का जांच एजेंसी के दस्तावेज छीनकर बाहर आना और “गुप्त दस्तावेज” कहना लोकतांत्रिक मर्यादा के विपरीत है.
गिरिराज सिंह का नाम आज से
सुअर सिंह किया जाता हैकाम न धाम बस कीचड़ में
लोटना है इनका कामका हो सुअर सिंह
— Pappu Yadav (@pappuyadavjapl) January 12, 2026
सोशल मीडिया पर हो रही आलोचना
पप्पू यादव के बयान के बाद सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना भी शुरू हो गई. कई यूजर्स ने उनकी भाषा पर सवाल उठाए. रितेश राय नामक उपयोगकर्ता ने लिखा, “ये है एक नेता जी की भाषा… बड़ी-बड़ी बाते करते हैं और अपने ही राज्य के नेता के लिए ऐसी टिप्पणी!” पप्पू यादव और गिरिराज सिंह दोनों अपने तीखे स्वरों और बेबाक राजनीतिक शैली के लिए जाने जाते हैं, इसलिए मामला और तूल पकड़ सकता है.
कौन हैं पप्पू यादव?
पप्पू यादव बिहार के पूर्णिया से सांसद और कई दशकों से राज्य की राजनीति का प्रमुख चेहरा हैं. 1967 में जन्मे पप्पू यादव ने 1990 के दशक में राजनीति में प्रवेश किया और 1991 में पहली बार संसद पहुंचे. पप्पू यादव ने मधेपुरा और पूर्णिया क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हुए कई बार लोकसभा चुनाव जीते हैं. उन्होंने जन अधिकार पार्टी की स्थापना की, हालांकि कई बार विभिन्न दलों से जुड़े रहे. विवादित बयानों और बेबाक शैली के कारण वे लगातार सुर्खियों में रहते हैं.