Gemini AI Data leak Risk: साइबर सिक्योरिटी कंपनी CloudSEK की ताज़ा रिपोर्ट ने Android यूजर्स के लिए एक गंभीर खतरे की ओर इशारा किया है. रिपोर्ट के मुताबिक, Google के API Key सिस्टम में एक कमजोरी पाई गई है, जिससे Google Gemini का इस्तेमाल करने वाले ऐप्स में यूजर डेटा लीक होने का जोखिम बढ़ गया है. यह खामी खासतौर पर उन ऐप्स में ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती है जो AI फीचर्स का उपयोग करते हैं.
डेटा लीक होने का तरीका
रिपोर्ट के अनुसार, AIza से शुरू होने वाली API Keys पहले केवल पहचान के लिए उपयोग की जाती थीं. लेकिन Gemini API से जुड़ने के बाद ये Keys ज्यादा शक्तिशाली हो गई हैं. इसका मतलब यह है कि अगर कोई हैकर इस Key तक पहुंच बना लेता है, तो वह यूजर द्वारा चैटबॉट के साथ साझा की गई जानकारी तक पहुंच सकता है. इसमें फोटो, ऑडियो, डॉक्यूमेंट और अन्य संवेदनशील डेटा शामिल हो सकते हैं. इस तरह यह खामी सीधे यूजर की प्राइवेसी पर असर डालती है.
पॉपुलर ऐप्स में भी मिली समस्या
CloudSEK के सिक्योरिटी प्लेटफॉर्म BeVigil ने जब टॉप Android ऐप्स की जांच की, तो कई लोकप्रिय ऐप्स में यह कमजोरी सामने आई. जांच के दौरान पाया गया कि कुछ ऐप्स के कोड में लाइव API Keys सीधे मौजूद थीं. इन Keys को आसानी से एक्सट्रैक्ट किया जा सकता है. चूंकि इन ऐप्स के करोड़ों डाउनलोड हैं, इसलिए यह समस्या बड़े स्तर पर यूजर्स को प्रभावित कर सकती है और साइबर हमलों का खतरा बढ़ा देती है.
असली वजह क्या है?
इस समस्या की जड़ डेवलपर्स की एक आम गलती है—API Keys को सीधे ऐप के कोड में डाल देना. पहले यह तरीका ज्यादा जोखिम भरा नहीं माना जाता था, लेकिन अब AI आधारित सेवाओं के साथ यह बेहद खतरनाक बन गया है. अगर कोई हैकर ऐप को डीकंपाइल कर ले, तो वह आसानी से API Key निकाल सकता है और उसका गलत इस्तेमाल कर सकता है. इससे न केवल डेटा चोरी हो सकती है, बल्कि API के दुरुपयोग का खर्च भी कंपनी को उठाना पड़ सकता है.
यूजर्स और डेवलपर्स के लिए जरूरी सावधानियां
इस स्थिति में यूजर्स को केवल भरोसेमंद ऐप्स ही डाउनलोड करने चाहिए और किसी भी अनजान प्लेटफॉर्म पर निजी जानकारी साझा करने से बचना चाहिए. वहीं डेवलपर्स को API Keys को सुरक्षित तरीके से स्टोर करना चाहिए और उन्हें सीधे कोड में डालने से बचना चाहिए. यह मामला साफ दिखाता है कि नई तकनीकों के साथ नए खतरे भी आते हैं. इसलिए Google Gemini जैसे AI टूल्स का उपयोग करते समय सुरक्षा को प्राथमिकता देना बेहद जरूरी है.
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