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Majid Khademi Death: मजीद खादमी कौन थे? ईरान के सुरक्षा ढांचे के स्तंभ और मास्टरमाइंड, जानिए पूरी प्रोफाइल

Majid Khademi Death: तेहरान में हुए हवाई हमलों के बीच आईआरजीसी  के खुफिया प्रमुख माजिद खादेमी की मौत ने ईरान को बड़ा झटका दिया है. ईरान ने इसके लिए अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है.

By: Ranjana Sharma | Last Updated: April 6, 2026 6:22:05 PM IST



Majid Khademi Death: मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ईरान को बड़ा झटका लगा है. ईरानी सरकारी मीडिया ने पुष्टि की है कि आईआरजीसी के खुफिया प्रमुख मजीद खादमी की एक हमले में मौत हो गई है. यह घटना ऐसे समय पर सामने आई है, जबइज़राइल और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ टकराव चरम पर है और पूरे क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं.

तेहरान में तड़के हमले मौत

रिपोर्ट्स के मुताबिक राजधानी तेहरान में सोमवार तड़के कई भीषण हवाई हमले किए गए, जिनमें ईरानी शासन से जुड़े अहम ठिकानों को निशाना बनाया गया. इन हमलों के बीच मजीद खादमी की मौत की पुष्टि हुई. हालांकि, ईरान ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि हमला किस सटीक स्थान पर हुआ, लेकिन स्थानीय रिपोर्ट्स में रिहायशी इलाकों के आसपास भी धमाकों की बात कही गई है, जिससे हालात और गंभीर हो गए हैं.

ईरान ने बताया ‘शहादत’

ईरान ने मजीद खादमी की मौत को ‘शहादत’ करार दिया है और इसे ‘आतंकी हमला’ बताया है. आईआरजीसी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि यह कार्रवाई “अमेरिकी-ज़ायोनी दुश्मन” द्वारा अंजाम दी गई. ईरान लंबे समय से संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल पर इस तरह के हमलों के आरोप लगाता रहा है. हालांकि, इस ताजा घटना को लेकर दोनों देशों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे स्थिति और संवेदनशील बनी हुई है.

कौन थे मजीद खादमी? 

मजीद खादमी ईरान के सबसे शक्तिशाली सुरक्षा ढांचे में शीर्ष पद पर कार्यरत थे. जून 2022 में उन्हें आईआरजीसी के इंटेलिजेंस प्रोटेक्शन ऑर्गनाइजेशन का प्रमुख बनाया गया. 2025 में उन्होंनेमोहम्मद काज़ेमी की जगह आईआरजीसी इंटेलिजेंस ऑर्गनाइजेशन के प्रमुख का पद संभाला इससे पहले वे 2018 से 2022 तक रक्षा मंत्रालय के इन्फॉर्मेशन प्रोटेक्शन विंग का नेतृत्व कर चुके थे खादेमी केवल एक सैन्य अधिकारी नहीं थे, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक रक्षा विज्ञान में पीएचडी डिग्री रखने वाले विशेषज्ञ भी थे. उन्होंने आईआरजीसी के भीतर आंतरिक निगरानी (इंटरनल सर्विलांस) को मजबूत करने और जासूसी गतिविधियों पर रोक लगाने में अहम भूमिका निभाई थी.

आईआरजीसी ने दी श्रद्धांजलि

इस्लामिक क्रांतिकारी गार्ड कोर ने अपने बयान में खादेमी को एक समर्पित और साहसी अधिकारी बताया. संगठन के अनुसार, उन्होंने लगभग आधी सदी तक ईमानदारी और बहादुरी के साथ देश की सुरक्षा में योगदान दिया. आईआरजीसी ने कहा कि उनके द्वारा किए गए कार्य आने वाले वर्षों में भी ईरान के खुफिया तंत्र के लिए मार्गदर्शक साबित होंगे, खासकर तब जब देश को बाहरी खतरों का सामना करना पड़े.

क्षेत्रीय राजनीति और संघर्षविराम पर असर

मजीद खादमी की मौत को क्षेत्रीय स्तर पर एक बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है. जहां Israel और United States के लिए इसे रणनीतिक बढ़त के रूप में देखा जा रहा है, वहीं ईरान के लिए यह गहरा झटका है. यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की  की मध्यस्थता से 45 दिन के संभावित संघर्षविराम के मसौदे पर चर्चा चल रही थी. ऐसे में यह हमला न सिर्फ तनाव बढ़ा सकता है, बल्कि शांति वार्ता की दिशा को भी प्रभावित कर सकता है.

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