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Chandrikapersad Santokhi death: कौन है चंद्रिकाप्रसाद संतोकही, जिनका 67 साल की उम्र में हुआ निधन, भारत से क्या था नाता?

Chandrikapersad Santokhi death: सुरिनाम के पूर्व राष्ट्रपति चंद्रिकाप्रसाद संतोकही का 67 वर्ष में निधन हो गया है. नरेंद्र मोदी ने शोक जताया है. उन्हें उनके भारत से गहरे संबंधों के लिए याद किया जाएगा.

By: sanskritij jaipuria | Published: March 31, 2026 11:40:21 AM IST



Chandrikapersad Santokhi death: सुरिनाम के पूर्व राष्ट्रपति चंद्रिकाप्रसाद संतोकही का 67 साल की आयु में निधन हो गया. इस खबर से पूरे देश के साथ-साथ भारतीय मूल के लोगों में भी शोक की लहर दौड़ गई है. उनके निधन के कारणों का आधिकारिक रूप से खुलासा अभी नहीं किया गया है. संतोकही अपने शांत स्वभाव, नेतृत्व क्षमता और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करने के प्रयासों के लिए जाने जाते थे.

चंद्रिकाप्रसाद संतोकही ने साल 2020 से 2025 तक सुरिनाम के राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया. इससे पहले वे प्रोग्रेसिव रिफॉर्म पार्टी के प्रमुख और देश के न्याय मंत्री भी रह चुके थे. उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान शासन व्यवस्था को मजबूत करने और विभिन्न क्षेत्रों में विकास को गति देने का प्रयास किया.

भारत से गहरा जुड़ाव

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया. उन्होंने संतोकही को अपना करीबी मित्र बताते हुए कहा कि उनके निधन से न केवल सुरिनाम बल्कि भारतीय समुदाय को भी काफी दुख हुआ है. दोनों नेताओं के बीच मजबूत व्यक्तिगत और कूटनीतिक संबंध थे, जिसने भारत और सुरिनाम के रिश्तों को और मजबूत बनाया.

संतोकही भारतीय मूल के थे और उनका परिवार 19वीं सदी में बिहार से सुरिनाम गया था. वे एक इंडो-सुरिनामी हिंदू परिवार से आते थे और अपने सांस्कृतिक जुड़ाव को हमेशा गर्व से प्रदर्शित करते थे. खास बात ये रही कि उन्होंने 2020 में राष्ट्रपति पद की शपथ संस्कृत भाषा में ली थी, जो एक ऐतिहासिक क्षण था और भारत-सुरिनाम के सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाता है.

सम्मान और विरासत

चंद्रिकाप्रसाद संतोकही को प्रवासी भारतीय सम्मान से भी नवाजा गया था. उन्होंने व्यापार, ऊर्जा और सांस्कृतिक क्षेत्रों में भारत और सुरिनाम के बीच संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई. उनके योगदान और विरासत को लंबे समय तक याद किया जाएगा.

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