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Farsa Wale Baba: कौन थे फरसा वाले बाबा, जिनकी ‘मौत’ पर जल उठी कृष्ण की नगरी मुथरा

Farsa Wale Baba: मथुरा जिले में फरसा वाले बाबा उर्फ चंद्रशेखर की हादसे में मौत के बाद इलाके में बवाल हो गया. समर्थकों की मानें तो उनकी हत्या की गई है.

By: JP Yadav | Published: March 21, 2026 1:33:28 PM IST



Farsa Wale Baba: दिल्ली से 200 किलोमीटर से भी कम दूर उत्तर प्रदेश के मथुरा में ईद के दिन बवाल हो गया. बाबा चंद्रशेखर उर्फ फरसा वाले बाबा की कथित हत्या के बाद ईद के दिन मथुरा में लोग सड़कों पर उतर आए.  समर्थकों ने दिल्ली-आगरा हाइवे पर चक्का जाम कर दिया. इस दौरान समर्थक इस कदर गुस्से में थे कि उन्होंने हाईवे पर जमकर पत्थरबाजी की, इस दौरान तनाव की सूचना पर पहुंचे कई पुलिसकर्मी पथराव में घायल हो गए.  पूरा मामला मथुरा के कोसीकलां इलाके का है. आरोप है कि बाबा चंद्रशेखर गोतस्करों का पीछा कर रहे थे. इसी दौरान बाबा चंद्रशेखर की बाइक को गौ-तस्करों ने चार पहिया वाहन से टक्कर मार दी. इससे उनकी घटना स्थल पर ही मौत हो गई. इस स्टोरी में हम बता रहे हैं कि कौन हैं बाबा चंद्रशेखर उर्फ फरसा वाले बाबा?

हिंदूवादी संगठनों से जुड़े थे

बाबा चंद्रशेखर उर्फ फरसा वाले बाबा मथुरा में सक्रिय थे. वह हिंदुओं के हितों को लेकर लगातार कार्य कर रहे थे.  जब भी हिंदुओं को लेकर मामला सामने आता तो वह उनके लिए खड़े हो जाते. वह एक नहीं बल्कि कई हिंदूवादी संगठनों से भी जुड़े हुए थे.

बनाई थी गोरक्षकों की टीम

फरसा वाले बाबा का असली नाम चंद्रशेखर था. वह कहां के रहने वाले थे इसका पता तो नहीं चल पाया है, लेकिन वह कई सालों से मथुरा में एक्टिव थे और सामाजिक के साथ-साथ धार्मिक कार्यों में सक्रिय थे. बाबा ने गोरक्षकों की टीम बना रखी थी. इस टीम में कई लोग थे, जो फरसा वाले बाबा के साथ गहरे स्तर पर जुड़े थे.

गोतस्करों पर लगाम लगाने के लिए एक्टिव थे

जिन गौरक्षक फरसा वाले बाबा की मौत के बाद मथुरा में भारी बवाल शुरू हो गया वह लगातार गायों की रक्षा के प्रति एक्टिव रहते थे. कहीं भी गोतस्करी की सूचना मिलती तो वो तत्काल अपने लोगों के साथ मौके पर पहुंचते. इस दौरान वह पुलिस की मदद से गोतस्करी रुकवाते थे.

समर्थकों की मांग- मिले गौ पुत्र का दर्जा

बताया जाता है कि मथुरा के कोसीकलां और आसपास के इलाकों में अवैध गौ तस्करी को रोकने के लिए सक्रिय रहते थे. यही वजह है कि बाबा के समर्थकों ने चंद्रशेखर को गौ पुत्र शहीद का दर्जा देने की मांग की है. साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की भी मांग की है.  उधर, पुलिस सूत्रों का कहना है कि बाबा जिस गाड़ी का पीछा कर रहे थे, उसमें गोवंश नहीं था. पुलिस का कहना है कि वह सड़क किनारे अपने लोगों के साथ खड़े थे. इसी दौरान धुंध के चलते अज्ञात वाहन ने कुचल दिया, जिससे उनकी मौत हो गई. 

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