Home > धर्म > Navratri 2026: नवरात्रि में पीरियड्स आ जाएं, तो क्या टूट जाता है व्रत? जानें सही नियम

Navratri 2026: नवरात्रि में पीरियड्स आ जाएं, तो क्या टूट जाता है व्रत? जानें सही नियम

Navratri Period Rules: चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो चुकी है. इस दौरान व्रत, पूजा और देवी आराधना का विशेष महत्व होता है. लेकिन कई महिलाएं पीरियड के कारण यह सब नहीं कर पाती हैं.

By: Preeti Rajput | Published: March 21, 2026 1:17:56 PM IST



Navratri Period Rules: देशभर में श्रद्धा और भक्ति के साथ मां दुर्गा की पूजा अर्चना की जा रही है. चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च को हुई थी. यह पर्व 9 दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है. पूरे नौ दिन पूजा में शुद्धता और पवित्रता का विशेष ध्यान रखा जाता है. ऐसे में कई महिलाओं के मन में सवाल उठता है नवरात्रि के बीच अगर पीरियड आ जाए, तो क्या व्रत जारी रखना चाहिए या पूजा से दूरी बना लेनी चाहिए? आइए क्या कहते हैं धर्म शास्त्र? 

क्या कहते हैं धर्म शास्त्र?

धर्म शास्त्रों के अनुसार, मासिक धर्म शारीरिक शुद्धि की एक प्राकृतिक प्रक्रिया मानी जाती है. मान्यताओं में इस दौरान हिलाओं को पूजा-पाठ, मंदिर प्रवेश और धार्मिक अनुष्ठानों से दूर रहने की सलाह दी जाती है. कई परिवारों में आज भी यह परंपरा निभाई जाती है. जहां पीरियड्स के दौरान महिलाएं व्रत तो रख सकती है, लेकिन मूर्ति स्पर्थ या विधिवत पूजा से दूरी बनाए रखती हैं.

क्या है इसके पीछे की मान्यता?

हालांकि, विद्वानों का एक वर्ग यह भी मानता है कि धर्म का मूल भाव आस्था और मन की पवित्रता है. अगर कोई महिला शारीरिक तौर पर पूजा करने के लिए सक्षण है और मंत्र जाप, ध्यान और देवी स्मरण बिना किसी मुश्किल के कर सकती है. तो विशेषज्ञों के मुताबिक, व्रत रखने का निर्णय पूरी तरह महिला की शारीरिक स्थिति पर निर्भर करता है. अगर कमजोरी, दर्द या असहजता हो तो व्रत नहीं रखना चाहिए. सबसे पहले अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देनी चाहिए. 

Rebel कौन हैं,  जो रैपर की दुनिया में निकलीं असली ‘धुरंधर’, ‘आरी-आरी’ से चलाईं फैन्स की दिलों पर छूरियां

आधुनिक समाज में बदलाव 

आधुनिक समाज में इस विषय को लेकर सोच में बदलाव देखा जा रहा है. कई लोग अब मासिक धर्म को अशुद्ध नहीं मानते हैं और महिलाओं को किसी भी धार्मिक गतिविधि से अलग रखने के पक्ष में नहीं है. वहीं कुछ लोग परंपराओं का पालन करते हुए नियमों का अनुसरण करते हैं. 

KVS age limit: केन्द्रीय विद्यालय में कराना चाहते हैं बच्चे का एडमिशन, जानें एज लिमिट से लेकर सबकुछ

Advertisement