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क्या 35 साल के बाद मां बनने में दिक्कत होती है, जानें क्या है गर्भावस्था की सही उम्र?

International Women's Day 2026: आज के समय में लोग जल्दी शादी नहीं करते है, जिसके चलते बच्चा होने में देरी होती है. डॉक्टरों ने बताया है कि देर से शादी करना सीधे-सीधे बांझपन का कारण नहीं है, तो फिर क्या है, आइए जानते हैं-

By: sanskritij jaipuria | Published: March 8, 2026 10:35:45 AM IST



International Women’s Day 2026: आज के समय में पढ़ाई, करियर और व्यक्तिगत लक्ष्यों के कारण कई लोग 30–35 साल या उससे ज्यादा उम्र में शादी करते हैं. डॉक्टरों के अनुसार देर से शादी करना सीधे-सीधे बांझपन का कारण नहीं बनता. हालांकि, बढ़ती उम्र के साथ महिलाओं की प्रजनन क्षमता (फर्टिलिटी) में धीरे-धीरे कमी आने लगती है. महिलाएं जन्म से ही सीमित संख्या में अंडों (एग्स) के साथ पैदा होती हैं और समय के साथ इन अंडों की संख्या और गुणवत्ता दोनों कम होती जाती हैं. 35 साल के बाद ये कमी अधिक तेजी से दिखाई देने लगती है और 40 के बाद फर्टिलिटी में गिरावट और ज्यादा हो सकती है.

उम्र बढ़ने के साथ महिला के प्रजनन तंत्र में कुछ प्राकृतिक बदलाव होते हैं. ये बदलाव गर्भधारण की संभावना को प्रभावित कर सकते हैं और कभी-कभी गर्भावस्था के दौरान कुछ स्वास्थ्य जोखिम भी बढ़ा सकते हैं. 30 की उम्र के बाद अंडों की संख्या धीरे-धीरे कम होने लगती है. 35 साल के बाद ये प्रक्रिया तेज हो जाती है इसके साथ ही अंडों की गुणवत्ता भी कम हो सकती है, जिससे भ्रूण में क्रोमोसोम से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है.

 गर्भाशय से जुड़ी समस्याएं

देर से शादी करने वाली महिलाओं में कुछ स्वास्थ्य समस्याएं पहले से मौजूद हो सकती हैं, जैसे गर्भाशय में फाइब्रॉइड (गांठ) या एंडोमेट्रियोसिस. ये स्थितियां गर्भ ठहरने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं और कभी-कभी प्रेग्नेंसी में कठिनाई पैदा कर सकती हैं.

बढ़ती उम्र के साथ हार्मोन में बदलाव होने लगते हैं. इसके कारण मासिक धर्म की साइकिल अनियमित हो सकता है और कई बार अंडा निकलने की प्रक्रिया (ओव्यूलेशन) भी नियमित रूप से नहीं हो पाती.

 गर्भावस्था के दौरान बढ़े हुए जोखिम

35 साल के बाद गर्भधारण करने पर कुछ स्वास्थ्य जोखिम बढ़ सकते हैं. इनमें गर्भपात की संभावना, गर्भावधि मधुमेह (जेस्टेशनल डायबिटीज), हाई ब्लड प्रेशर या प्रीक्लेम्पसिया, समय से पहले डिलीवरी और सी-सेक्शन डिलीवरी की संभावना शामिल हो सकती है.

प्रेग्नेंसी की सही उम्र केवल शारीरिक स्थिति पर ही नहीं बल्कि मानसिक, सामाजिक और आर्थिक तैयारियों पर भी निर्भर करती है. फिर भी जैविक दृष्टि से कुछ उम्र ऐसी होती हैं जिन्हें गर्भधारण के लिए अधिक अनुकूल माना जाता है.

 सबसे अधिक फर्टाइल उम्र

20 से 25 साल के बीच महिलाओं की प्रजनन क्षमता सबसे अधिक होती है. इस समय अंडों की गुणवत्ता और संख्या दोनों बेहतर होती हैं. 25 से 32 या 35 साल तक की उम्र को प्रेग्नेंसी के लिए अच्छा समय माना जाता है. इस अवधि में प्राकृतिक रूप से गर्भधारण की संभावना अधिक होती है और जटिलताओं का खतरा भी अपेक्षाकृत कम होता है.

 35 साल के बाद फर्टिलिटी में गिरावट

35 साल के बाद महिलाओं की फर्टिलिटी तेजी से कम होने लगती है. गर्भधारण में अधिक समय लग सकता है और मेडिकल सहायता की जरूरत भी पड़ सकती है.

अगर कोई महिला 35 साल या उससे अधिक उम्र में प्रेग्नेंसी प्लान कर रही है, तो कुछ सावधानियां अपनाकर जोखिम को कम किया जा सकता है और स्वस्थ गर्भावस्था की संभावना बढ़ाई जा सकती है.

 प्रेग्नेंसी से पहले मेडिकल सलाह लें

प्रेग्नेंसी की योजना बनाने से पहले स्त्री रोग विशेषज्ञ या फर्टिलिटी विशेषज्ञ से जांच करवाना अच्छा होता है. डॉक्टर कुछ टेस्ट, जैसे एएमएच टेस्ट, के माध्यम से अंडों की संख्या और प्रजनन क्षमता का आकलन कर सकते हैं.

संतुलित आहार लेना, नियमित व्यायाम करना और वजन को नियंत्रित रखना बहुत महत्वपूर्ण है. बहुत ज्यादा या बहुत कम वजन दोनों ही ओव्यूलेशन को प्रभावित कर सकते हैं और गर्भधारण की संभावना कम कर सकते हैं.

 हानिकारक आदतों से दूर रहें

धूम्रपान और शराब जैसी आदतें अंडों की गुणवत्ता को खराब कर सकती हैं और गर्भ में पल रहे बच्चे के स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक असर डाल सकती हैं. इसलिए इनसे बचना जरूरी है.

प्रेग्नेंसी की कोशिश करने से लगभग तीन महीने पहले फोलिक एसिड और अन्य प्रेनेटल विटामिन लेना शुरू करना फायदेमंद माना जाता है. इससे बच्चे में जन्म से जुड़ी कुछ समस्याओं का खतरा कम हो सकता है.

 एग फ्रीजिंग का विकल्प

अगर कोई महिला भविष्य में देर से मां बनने की योजना बना रही है, तो 20 या शुरुआती 30 की उम्र में एग फ्रीजिंग करवाकर अच्छे गुणवत्ता वाले अंडों को सेफ रखा जा सकता है. इससे बाद में प्रेग्नेंसी की संभावना बढ़ सकती है.

अगर महिला की उम्र 35 साल से कम है और एक साल तक कोशिश करने के बाद भी गर्भ नहीं ठहरता, तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. 

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