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Children Health: बदलते मौसम से बिगड़ सकती है बच्चों की सेहत, ऐसे रखें ध्यान, चाइल्ड स्पेशलिस्ट ने दिए ये टिप्स

Children health: फरवरी में तेजी से बदलते मौसम का सबसे ज्यादा असर बच्चों की सेहत पर पड़ रहा है. दिन में गर्मी और सुबह-रात में ठंड के कारण सर्दी, खांसी, बुखार, फ्लू और एलर्जी जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं.

By: Ranjana Sharma | Last Updated: February 27, 2026 4:46:21 PM IST



Children health: फरवरी में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है. दिन में जहां गर्मी का एहसास हो रहा है, वहीं सुबह और रात में ठंड महसूस की जा रही है. इस उतार-चढ़ाव का सबसे ज्यादा असर बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ता है. अक्सर इस समय सर्दी, खांसी, बुखार और एलर्जी जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं. ऐसे में बच्चों को बीमारियों से कैसे बचाया जाए? इस बारे में नोएडा जिला अस्पताल के चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. अरविंद कुशवाह ने अहम सुझाव दिए हैं.

मौसम बदलते ही क्यों बढ़ती हैं बीमारियां?

डॉ. अरविंद कुशवाह बताते हैं कि मौसम में बदलाव एक प्राकृतिक चक्र है, लेकिन तापमान में अचानक गिरावट या बढ़ोतरी के साथ संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है. सर्दी, गले में खराश, फ्लू, एलर्जी और पेट से जुड़ी दिक्कतें इस दौरान आम हो जाती हैं. जलवायु परिवर्तन सीधे तौर पर बीमारी नहीं फैलाता, लेकिन बदलता मौसम वायरस और बैक्टीरिया के पनपने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर देता है. खासकर ठंडी और शुष्क हवा में संक्रमण तेजी से फैल सकता है.

संतुलित आहार है सबसे जरूरी

डॉ. कुशवाह के मुताबिक, बच्चों की इम्यूनिटी मजबूत रखने के लिए संतुलित आहार बेहद जरूरी है.

  • विटामिन C, एंटीऑक्सीडेंट और जिंक से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल करें
  • मौसमी फल और हरी सब्जियां दें
  • मौसम के अनुसार खानपान तय करें

शरीर में पानी की कमी न होने दें

अक्सर लोग मानते हैं कि सिर्फ गर्मियों में पानी जरूरी है, जबकि सालभर हाइड्रेशन उतना ही महत्वपूर्ण है. बच्चों को पानी, जूस या अन्य तरल पदार्थ पर्याप्त मात्रा में दें. अच्छी तरह हाइड्रेटेड शरीर संक्रमण से बेहतर तरीके से लड़ सकता है.

साफ-सफाई और हाथ धोने की आदत

अधिकांश संक्रमण हाथों के जरिए मुंह तक पहुंचते हैं. इसलिए बच्चों को बाहर से आने के बाद साबुन से हाथ धोने की आदत डालें. भीड़-भाड़ वाली जगहों से यथासंभव दूर रखें, ताकि संक्रमण का खतरा कम हो.

नहाने और कपड़ों में बरतें सावधानी

गर्मी में पसीने से होने वाले संक्रमण से बचने के लिए बच्चों को दिन में दो बार नहलाना फायदेमंद हो सकता है. वहीं सर्दियों में पानी का तापमान संतुलित रखें. बाल धोने के बाद उन्हें पूरी तरह सुखाकर ही बाहर भेजें.

ये चीजें बढ़ा सकती हैं इम्यूनिटी

रसोई में मौजूद हल्दी, अदरक, नींबू, तुलसी, शहद और दालचीनी जैसी प्राकृतिक चीजें इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद कर सकती हैं. बदलते मौसम में इनका सीमित और नियमित उपयोग लाभकारी हो सकता है.

जंक फूड से रखें दूरी

जंक फूड पेट तो भरता है लेकिन पोषण नहीं देता. इससे बच्चे जरूरी पौष्टिक भोजन से दूर हो सकते हैं. नियम बनाएं कि फल और सब्जियां खाने के बाद ही उन्हें जंक फूड दिया जाए.

मच्छरों और एलर्जी से बचाव जरूरी

  • मानसून के दौरान मच्छरों की संख्या बढ़ जाती है, जिससे डेंगू और मलेरिया का खतरा रहता है. घर के आसपास पानी जमा न होने दें और खिड़कियों पर जाली लगाएं.
  • गर्मी और वसंत में परागकण, धूल और पालतू जानवरों के बाल जैसी चीजें एलर्जी बढ़ा सकती हैं. घर की नियमित सफाई करें और बच्चों को एलर्जेन से दूर रखें.

सक्रिय जीवनशैली अपनाएं

डॉक्टरों का कहना है कि सक्रिय रहने से बच्चों की इम्यूनिटी मजबूत होती है. मौसम चाहे जैसा भी हो, बच्चों को खेलकूद के लिए प्रोत्साहित करें. इससे उनका शारीरिक और मानसिक विकास बेहतर होता है.

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