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Manish Sisodia: केजरीवाल-मनीष सिसोदिया को क्लीन चिट, CBI को कोर्ट की फटकार! शराब घोटाले में मिली 23 आरोपियों को रिहाई

Manish Sisodia Discharged: दिल्ली की एक कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल को कथित शराब पॉलिसी घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में बरी कर दिया.

By: Heena Khan | Last Updated: February 27, 2026 11:24:47 AM IST



Excise Policy case: दिल्ली की एक कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल को कथित शराब पॉलिसी घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में बरी कर दिया. राउज़ एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज जितेंद्र सिंह ने AAP नेता मनीष सिसोदिया को भी इस मामले में बरी कर दिया. खास बात यह है कि जज ने इस मामले में सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया. कोर्ट ने कड़े शब्दों में CBI को जांच में कमियों के लिए फटकार लगाई और कहा कि “बड़ी चार्जशीट” में कई कमियां हैं जिनका किसी गवाह या बयान से कोई सबूत नहीं है. कोर्ट ने कहा कि CBI सिसोदिया के खिलाफ पहली नज़र में कोई मामला बनाने में नाकाम रही. जज ने कहा कि केजरीवाल को बिना किसी ठोस सबूत के फंसाया गया.

इन लोगों को मिली रिहाई 

  1. कुलदीप सिंह
  2. नरेंद्र सिंह
  3. विजय नायर
  4. अभिषेक बोइनपल्ली
  5. अरुण रामचंद्र पिल्लई
  6. मूथा गौतम
  7. समीर महेंद्रू
  8. मनीष सिसोदिया
  9. अमनदीप सिंह धल्ल
  10. अर्जुन पांडे
  11. बुच्चीबाबू गोरंटला
  12. राजेश जोशी
  13. दामोदर प्रसाद शर्मा
  14. प्रिंस कुमार
  15. अरविंद कुमार सिंह
  16. चनप्रीत सिंह रायत
  17. कविता कलवकुंतल
  18. अरविंद केजरीवाल
  19. दुर्गेश पाठक
  20. अमित अरोड़ा
  21. विनोद चौहान
  22. आशीष चंद माथुर
  23. सरथ चंद्र रेड्डी

जानें पूरा मामला 

दिल्ली की एक कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को पिछली AAP सरकार की एक्साइज़ पॉलिसी से जुड़े एक करप्शन केस में बरी कर दिया, और CBI की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से मना कर दिया. स्पेशल जज जितेंद्र सिंह ने कहा कि चार्जशीट में “कई कमियां थीं जिनके सबूत नहीं थे,” और मामले में शामिल 21 अन्य लोगों को भी बरी कर दिया.

यह मामला पिछली AAP सरकार द्वारा लाई गई अब खत्म कर दी गई एक्साइज़ पॉलिसी को बनाने और लागू करने में कथित करप्शन से जुड़ा है. कोर्ट के फैसले से पहले CBI इन आरोपों की जांच कर रही थी. कोर्ट का चार्जशीट पर विचार करने से मना करना चल रही जांच में एक अहम डेवलपमेंट है, जिससे AAP के सीनियर नेता आरोपों से बरी हो गए हैं.

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