JNU Student Union Protest: देश की राजधानी दिल्ली में JNU कैंपस में JNU स्टूडेंट यूनियन ने UGC के नियमों को लागू करने की मांग को लेकर कैंपस में शुक्रवार, 27 फरवरी की सुबह प्रदर्शन करना शुरू कर दिया. दिल्ली पुलिस ने स्टूडेंट्स को कैंपस के भीतर रोकने के लिए बैरिकेड्स लगाए थे.
14 लोगों को किया गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए लोगों में जाने-माने स्टूडेंट लीडर, JNUSU के पूर्व प्रेसिडेंट नीतीश कुमार, JNUSU प्रेसिडेंट अदिति मिश्रा, वाइस प्रेसिडेंट गोपिका बाबू और जॉइंट सेक्रेटरी दानिश अली शामिल हैं. वसंत कुंज नॉर्थ पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई है और जांच चल रही है.
स्टूडेंट्स और पुलिस के बीच बहस
इस बीच, स्टूडेंट्स और पुलिस के बीच झड़प के बाद भारी पुलिस तैनात है. स्टूडेंट्स यूनियन के मार्च के दौरान हुई झड़प में पुलिस और JNU स्टूडेंट्स घायल हो गए. पुलिस का दावा है कि उन पर हमला किया गया, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन पर बहुत ज़्यादा बल इस्तेमाल किया.
#WATCH दिल्ली: JNU कैंपस से सुबह की वीडियो।
JNU स्टूडेंट यूनियन ने UGC के नियमों को लागू करने की मांग को लेकर सुबह-सुबह प्रोटेस्ट किया। दिल्ली पुलिस ने स्टूडेंट्स को कैंपस के अंदर रोकने के लिए बैरिकेड्स लगाए थे। pic.twitter.com/difTAGy4fr
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 27, 2026
25 पुलिसवाले घायल
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि दंगाइयों ने लाठियां और जूते फेंके और मारपीट की, जिसमें ACP वेद प्रकाश, ACP संघमित्रा, SHO अतुल त्यागी और SHO अजय यादव जैसे सीनियर अधिकारियों समेत करीब 25 पुलिसवाले घायल हो गए. कहा जा रहा है कि झड़प के दौरान कुछ पुलिसवालों को दांत भी लगे.
JNU स्टूडेंट यूनियन प्रोटेस्ट हिंसा | इस मामले में अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तार लोगों में शामिल हैं:
1. नीतीश कुमार (पूर्व JNUSU प्रेसिडेंट)
2. अदिति मिश्रा (JNUSU प्रेसिडेंट)
3. गोपिका बाबू (JNUSU वाइस प्रेसिडेंट)
4. दानिश अली (JNUSU जॉइंट सेक्रेटरी)— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 27, 2026
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क्या है पूरा मामला?
पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि स्टूडेंट्स ने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) कैंपस से मिनिस्ट्री ऑफ़ एजुकेशन ऑफिस तक लॉन्ग मार्च निकालना का आह्वान किया था. बता दें कि, यह यह मार्च JNU वाइस चांसलर शांतिश्री धुलिपुडी पंडित के एक पॉडकास्ट पर यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के नियमों को लागू करने, पदाधिकारियों को निकालने और प्रस्तावित रोहित एक्ट पर दिए गए बयान के खिलाफ किया जा रहा था. पुलिस के अनुसार, स्टूडेंट्स को बताया था कि कैंपस के बाहर किसी भी विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है. जिसके कारण अपना प्रदर्शन यूनिवर्सिटी परिसर के अंदर ही रखने की सलाह दी थी. इसके बावजूद, लगभग 400-500 स्टूडेंट्स कैंपस में इकट्ठा हुए और विरोध मार्च निकालना शुरू कर दिया.