Most Thrilling T20 Finishes: आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप का इतिहास रोमांचक फिनिशों से भरा रहा है, जहाँ आखिरी ओवरों में मैच का पासा पलटता दिखा है. कुछ मुकाबले ऐसे रहे हैं जिन्होंने क्रिकेट प्रेमियों की धड़कनें रोक दीं और खिलाड़ियों को अमर बना दिया.
1. Carlos Brathwaite – फाइनल 2016
2016 के फाइनल में West Indies cricket team को आखिरी ओवर में 19 रन चाहिए थे. सामने थे Ben Stokes ‘बेन स्टोक्स’. कार्लोस ब्रैथवेट ने लगातार चार छक्के जड़कर मैच पलट दिया. कमेंट्री की लाइन “Remember the name!” ‘नाम याद रखना’ आज भी फैंस के कानों में गूंजती है. यह टी20 इतिहास के सबसे विस्फोटक फिनिशों में से एक है.
2. Virat Kohli – 82* बनाम पाकिस्तान, 2022
मेलबर्न में भारत को आखिरी 8 गेंदों पर 28 रन चाहिए थे. हारिस रऊफ की गेंद पर विराट कोहली ‘Virat Kohli’ के लगातार दो छक्कों ने मैच की दिशा बदल दी. 82* रनों की यह पारी सिर्फ एक स्कोर नहीं, बल्कि दबाव में धैर्य और क्लास का उदाहरण थी. आखिरी गेंद तक चले इस मुकाबले ने टी20 वर्ल्ड कप को एक और ऐतिहासिक पल दिया.
3. Yuvraj Singh का कमाल – 2007 सेमीफाइनल
2007 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में युवराज ने 30 गेंदों में 70 रन बनाकर मैच भारत की झोली में डाल दिया. आखिरी ओवरों में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने मुकाबले को रोमांचक बना दिया और भारत को फाइनल का टिकट दिलाया.
4. Misbah-ul-Haq – 2007 फाइनल का ड्रामा
पहले टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में पाकिस्तान को जीत के लिए आखिरी ओवर में 13 रन चाहिए थे. मिस्बाह ने एक छक्का लगाया, लेकिन अगली ही गेंद पर स्कूप खेलने की कोशिश में आउट हो गए. गेंद श्रीसंत के हाथों में गई और भारत चैंपियन बना. यह फिनिश आज भी सबसे नाटकीय पलों में गिना जाता है.
टी20 वर्ल्ड कप की खासियत
टी20 वर्ल्ड कप ने बार-बार साबित किया है कि यहां आखिरी गेंद तक कुछ भी हो सकता है. चाहे ब्रैथवेट के चार छक्के हों या कोहली की क्लासिक 82*, इन पलों ने टूर्नामेंट को सिर्फ क्रिकेट नहीं, बल्कि भावनाओं का महाकुंभ बना दिया है. यही अनिश्चितता और रोमांच इसे दुनिया का सबसे रोमांचक क्रिकेट फॉर्मेट बनाते हैं.