Viral Video: गुरुग्राम से एक परेशान करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है. इसमें एक महिला को एक आदमी को बार-बार सड़क पर थप्पड़ मारते हुए देखा जा सकता है. वीडियो में दिख रहा आदमी शांत रहता है और कुछ बोलता नहीं है, जबकि आसपास लोग ये सब देखते हुए अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर रहे हैं.
वीडियो में महिला लगातार आदमी को मारती रहती है और गुस्से में बातें करती है. वो वहां मौजूद लोगों से पुलिस बुलाने के लिए कहती है और दावा करती है कि उसके पास उसके खिलाफ सबूत हैं. महिला आदमी का मजाक भी बनाती है और कहती है, ‘क्या तुम पीड़ित बनने का नाटक करोगे? मेरे पास सबूत हैं, पुलिस को बुलाओ.’ वीडियो रिकॉर्ड करने वाले एक व्यक्ति ने आदमी से पूछा कि वो ये सब सह क्यों रहा है. इसके बावजूद कि उसे बार-बार थप्पड़ मारे जा रहे हैं.
लोगों ने किए कमेंट
ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया और लोगों की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही. कुछ लोग आदमी के प्रति सहानुभूति दिखा रहे हैं और इसे सार्वजनिक उत्पीड़न करार दे रहे हैं. वहीं कुछ लोग इसे व्यक्तिगत विवाद मानते हुए भी वीडियो में दिखाई गई हिंसा को चिंताजनक बताते हैं.
कई लोगों ने अधिकारियों से कार्रवाई करने की अपील की और अपने पोस्ट में गुरुग्राम पुलिस और स्थानीय अधिकारियों को टैग किया. कुछ लोगों ने कहा कि सार्वजनिक हिंसा को लिंग की परवाह किए बिना नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए. वहीं कुछ ने सवाल उठाया कि लोग वीडियो रिकॉर्ड करने के बजाय पीड़ित की मदद क्यों नहीं कर रहे थे.
🚨Grim: A boyfriend brutally harassed by his girlfriend on the road.
People are asking : Why have you been tolerating this for so long?
Such extreme mental harassment — this incident is from Gurugram.
Movie wali love story turned one side love story pic.twitter.com/CBJNT31ltL
— Ramesh Tiwari (@rameshofficial0) February 23, 2026
कार्रवाई और जानकारी की पुष्टि
अभी तक ये साफ नहीं है कि ये घटना कब हुई और क्या कोई शिकायत दर्ज की गई है. पुलिस ने इस वीडियो पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है. ये भी पता नहीं है कि वीडियो किसने रिकॉर्ड किया और झगड़े के पीछे क्या कारण था.
विशेषज्ञों का कहना है कि वायरल वीडियो अक्सर केवल घटना का एक हिस्सा दिखाते हैं.अधिकारी आमतौर पर तथ्यों की पुष्टि करने के बाद ही कार्रवाई करते हैं. जब तक आधिकारिक जानकारी नहीं आती, पूरे मामले का संदर्भ स्पष्ट नहीं है. इस घटना ने सार्वजनिक स्थानों में सेफटी और इस तरह के व्यवहार के मानसिक प्रभाव को लेकर चिंता बढ़ा दी है. विशेषज्ञों का कहना है कि सार्वजनिक अपमान और बार-बार की गई शारीरिक या मौखिक हिंसा मानसिक तनाव पैदा कर सकती है.