Home > हरियाणा > Scrap Shop Gold Return: गलती से कबाड़ में बेच दिया 15 लाख का सोना…फरीदाबाद से सामने आई ईमानदारी की मिसाल; हर तरफ हो रही हाजी अख्तर खान की तारीफ

Scrap Shop Gold Return: गलती से कबाड़ में बेच दिया 15 लाख का सोना…फरीदाबाद से सामने आई ईमानदारी की मिसाल; हर तरफ हो रही हाजी अख्तर खान की तारीफ

Scrap Shop Gold Return: अशोक शर्मा नामक व्यक्ति अपने परिवार के साथ कुंभ स्नान पर गए थे. घर में चोरी की आशंका से बचने के लिए उन्होंने परिवार का सारा सोना एक डिब्बे में बंद कर बोरे में रख दिया था.

By: Shubahm Srivastava | Published: February 19, 2026 10:19:03 PM IST



Faridabad Scrap Dealer News: फरीदाबाद में बढ़ती चोरी और लूट की खबरों के बीच एक कबाड़ व्यापारी ने ईमानदारी की मिसाल पेश कर समाज को सकारात्मक संदेश दिया. हाजी अख्तर खान नामक कबाड़ी ने करीब 100 ग्राम (लगभग 10 तोला) सोने के गहने उनके असली मालिक को लौटा दिए, जिनकी कीमत लगभग 15 लाख रुपये आंकी गई है. यह गहने उन्हें कबाड़ के साथ अनजाने में मिले थे.

चोरी से बचने के लिए डिब्बे में बंद कर बोरे में रखा सारा सोना

घटना पिछले साल जनवरी की है. अशोक शर्मा नामक व्यक्ति अपने परिवार के साथ कुंभ स्नान पर गए थे. घर में चोरी की आशंका से बचने के लिए उन्होंने परिवार का सारा सोना एक डिब्बे में बंद कर बोरे में रख दिया था. बाद में दीपावली की सफाई के दौरान गलती से उसी बोरे को कबाड़ समझकर बेच दिया गया. परिवार को यह अंदाजा नहीं था कि जिस बोरे को वे कबाड़ समझकर दे रहे हैं, उसमें कीमती गहने भी रखे हुए हैं.

दिवाली पूजन के समय जब सोने की जरूरत पड़ी, तब परिवार को गहनों की याद आई. खोजबीन करने पर पता चला कि सोना गलती से कबाड़ में बिक चुका है. वे तुरंत कबाड़ व्यापारी के पास पहुंचे, लेकिन शुरुआती तलाश में गहने नहीं मिले. निराश होकर परिवार घर लौट आया.

चार महीने बाद कबाड़ में मिला सोना

करीब चार महीने बाद हाजी अख्तर खान के गोदाम में कबाड़ छांटते समय कागज में लिपटा सोना मिला. उन्होंने बिना किसी लालच के तुरंत संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दी और गहने एसीपी बल्लभगढ़ जितेश मल्होत्रा के कार्यालय में जमा करा दिए. एसीपी की मौजूदगी में यह गहने शर्मा परिवार को लौटा दिए गए.

मामले को लेकर पुलिस ने क्या कहा?

हाजी अख्तर खान ने बताया कि सोना मिलने के बाद उन्होंने अपने परिवार से चर्चा की और सभी ने एकमत से निर्णय लिया कि गहने असली मालिक को ही लौटाए जाएंगे. एसीपी जितेश मल्होत्रा ने इस घटना को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया और कहा कि यह साबित करता है कि ईमानदारी आज भी जिंदा है. उन्होंने लोगों से अपने कीमती सामान को सुरक्षित रखने की अपील भी की.

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